मुंबई: अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें ‘संघी’ बनना है और एक जागरूक हिंदू के रूप में अपनी विचारधारा को अपनाने का अधिकार है। कंगना ने अपने बयान में कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपनी विचारधारा, आस्था और सोच चुनने की स्वतंत्रता देता है।
कंगना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर समर्थकों तथा आलोचकों के बीच बहस छिड़ गई है। वीडियो में उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो उनके पुराने वीडियो और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों को साझा कर उनकी राजनीतिक और वैचारिक स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं।
‘संविधान सभी को विचारधारा चुनने की आजादी देता है’
वीडियो में कंगना रनौत ने कहा कि जिस तरह किसी भी व्यक्ति को अपनी धार्मिक या वैचारिक पहचान चुनने की स्वतंत्रता है, उसी तरह उन्हें भी अपनी विचारधारा अपनाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वह अपने फैसले स्वयं लेने में विश्वास करती हैं और अपने विचारों को सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने में कोई संकोच नहीं करतीं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में अलग-अलग विचारधाराएं मौजूद हैं और लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी पसंद के अनुसार विचारों को अपनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो को लेकर दिया जवाब
कंगना ने अपने वीडियो में कहा कि कुछ लोग उनके पुराने पार्टी, फिल्म प्रमोशन और निजी जीवन से जुड़े वीडियो साझा कर उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ लोगों के विचार बदल सकते हैं और हर व्यक्ति को अपने अनुभवों के आधार पर अपनी सोच विकसित करने का अधिकार है।
उनके अनुसार, किसी व्यक्ति के पुराने व्यवहार या जीवनशैली के आधार पर उसकी वर्तमान विचारधारा पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
हाल के दिनों में लगातार मुखर रही हैं कंगना
पिछले कुछ समय से कंगना रनौत विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार अपनी राय रखती रही हैं। उन्होंने हाल ही में छात्र आंदोलनों, राजनीतिक विमर्श और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विचार साझा किए थे।
उनके बयानों पर अक्सर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं। एक वर्ग उनके स्पष्ट रुख का समर्थन करता है, जबकि दूसरा वर्ग उनके बयानों की आलोचना करता है।
वीडियो के कुछ हिस्सों पर विवाद
वीडियो में कंगना ने कुछ सामाजिक और धार्मिक संदर्भों का भी उल्लेख किया। हालांकि, उन टिप्पणियों में किए गए कुछ व्यापक दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे बयानों पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक पद पर रहने वाले नेताओं और सांसदों के बयान अक्सर व्यापक सार्वजनिक बहस का विषय बन जाते हैं।
समर्थकों और आलोचकों की प्रतिक्रियाएं
कंगना के वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर #KanganaRanaut और #Sanghi जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। उनके समर्थकों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और वैचारिक अधिकार का मुद्दा बताया, जबकि आलोचकों ने उनके बयान की भाषा और कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जताई।
फिलहाल कंगना रनौत का यह वीडियो सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

