Delhi: TMC और चुनाव आयोग की बैठक में तीखी नोकझोंक, SIR मुद्दे पर बढ़ा विवाद
नई दिल्ली में बुधवार को Trinamool Congress (TMC) के नेताओं और Election Commission of India के बीच हुई बैठक काफी विवादों में घिर गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और गहमागहमी देखने को मिली, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
SIR में नाम कटने का मुद्दा उठा
टीएमसी का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा, जिसमें प्रमुख रूप से Derek O’Brien और Sagarika Ghose शामिल थे। डेलिगेशन ने SIR (Special Intensive Revision) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया।
टीएमसी नेताओं का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पहले भी आयोग को कई पत्र लिखे थे, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बैठक में उन्होंने छह अलग-अलग उदाहरणों के जरिए अपनी शिकायतें विस्तार से रखीं।
बैठक में बढ़ा तनाव
सूत्रों के अनुसार, मीटिंग के दौरान माहौल अचानक गरमा गया। आरोप है कि Derek O’Brien ने नाराजगी जताते हुए चुनाव आयुक्त से तीखे शब्दों में बात की। वहीं दूसरी ओर, टीएमसी नेताओं का दावा है कि बैठक बेहद संक्षिप्त रही और महज सात मिनट में खत्म कर दी गई।
टीएमसी का आरोप है कि बैठक के अंत में उन्हें “यहां से निकल जाओ” तक कहा गया, जिससे मामला और ज्यादा विवादास्पद बन गया।
चुनाव आयोग का सख्त रुख
हालांकि चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि बैठक के दौरान टीएमसी को स्पष्ट संदेश दिया गया कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराए जाएंगे।
आयोग ने जोर देकर कहा कि चुनाव “भय रहित, हिंसा रहित, धमकी रहित और प्रलोभन रहित” होंगे। इसके साथ ही बूथ कब्जा और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टीएमसी का पलटवार
बैठक के बाद टीएमसी नेताओं ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि आयोग उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर रहा है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
टीएमसी ने यह भी दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में नोटिस दिए गए हैं। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की भी घोषणा की गई है, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।
बढ़ता राजनीतिक टकराव
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच बढ़ती तनातनी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर बहस को और तेज कर सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं मतदाताओं के विश्वास पर असर डाल सकती हैं और चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली में हुई इस बैठक ने टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते टकराव को खुलकर सामने ला दिया है। जहां एक ओर टीएमसी निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, वहीं चुनाव आयोग सख्ती से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का भरोसा दे रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

