24 Jun 2026, Wed

मामा का तोहफा: हर नवजात शिशु को सोने की अंगूठी, योजना को लागू करने के लिए बनाई जाएगी एक अलग टीम

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के नवजात शिशुओं के लिए एक अनूठी और महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। सरकार ने फैसला किया है कि सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु को एक ग्राम सोने की अंगूठी उपहार स्वरूप दी जाएगी। इस योजना को ‘थाइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य नवजात शिशुओं का स्वागत करना और मातृत्व के महत्व को सम्मान देना है।

सरकार इस योजना को आगामी 15 सितंबर से आधिकारिक रूप से लागू करेगी। हालांकि, सरकारी आदेश के अनुसार इसे मुख्यमंत्री विजय के जन्मदिन यानी 22 जून से प्रभावी माना जाएगा।

योजना के संचालन के लिए बनेगी विशेष इकाई

राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन, निगरानी और प्रबंधन के लिए एक अलग राज्य परियोजना/कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (State Project/Programme Management Unit) गठित करने का फैसला किया है। यह विशेष टीम योजना के संचालन, लाभार्थियों की पहचान, वितरण प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन की निगरानी करेगी।

सरकार का मानना है कि इतनी बड़ी योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था आवश्यक है।

हर नवजात को मिलेगी एक ग्राम सोने की अंगूठी

इस योजना के तहत राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और सरकारी चिकित्सा संस्थानों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं को एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान की जाएगी। वर्तमान बाजार दर के अनुसार इस अंगूठी की कीमत लगभग 13,600 रुपये होगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह उपहार तमिल संस्कृति की पारंपरिक परंपरा ‘थाईमामन सीर’ से प्रेरित है। इस परंपरा के अनुसार, परिवार में बच्चे के जन्म पर मामा की ओर से उपहार दिया जाता है। इसी सांस्कृतिक भावना को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार स्वयं “मामा” की भूमिका निभाएगी और प्रत्येक नवजात को सोने की अंगूठी भेंट करेगी।

सरकारी आदेश में कहा गया है कि यह पहल परिवार में नए सदस्य के आगमन की खुशी को साझा करने और मातृत्व के महत्व का सम्मान करने का प्रतीक होगी।

चुनावी वादे को पूरा कर रहे हैं सीएम विजय

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा चुनाव से पहले जनता से वादा किया था कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो राज्य में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को सरकार की ओर से सोने की अंगूठी दी जाएगी।

अब सरकार इस वादे को पूरा करने जा रही है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, इस योजना का शुभारंभ 15 सितंबर को तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता सी.एन. अन्नादुरई की जयंती के अवसर पर किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि यह योजना न केवल एक सामाजिक पहल है, बल्कि मातृत्व और नवजात शिशुओं के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

हर साल 755 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी सरकार

इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए तमिलनाडु सरकार ने हर वर्ष लगभग 755.83 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान लगाया है। सरकार ने इसके लिए बजटीय प्रावधान भी सुनिश्चित किए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना देश में अपनी तरह की पहली पहल है और इससे सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही, इससे संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन मिलेगा और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सकता है।

राजनीति में भी चर्चा का विषय बनी योजना

मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था। पार्टी ने 107 सीटों पर जीत दर्ज की और कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल तथा वामदलों के समर्थन से गठबंधन सरकार का गठन किया।

सरकार की इस नई योजना ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है। समर्थक इसे मातृत्व और बच्चों के सम्मान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसकी वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठा रहा है।

फिलहाल, तमिलनाडु सरकार की यह पहल पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसकी सफलता पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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