25 Jun 2026, Thu

भारत में भी पाकिस्तान जैसा इस्लामिक कानून लागू हो’, NCP विधायक सना मलिक का शॉकिंग बयान; नितेश राणे ने दिया मुंहतोड़ जवाब

महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान समान नागरिक संहिता (UCC) और मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक के एक बयान के बाद सदन में हंगामा खड़ा हो गया। उनके बयान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया।

विधानसभा में तीन तलाक और बहुविवाह से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान सना मलिक ने मुस्लिम पर्सनल लॉ और कुरान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्लाम में बताए गए नियमों पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कुरान में वर्णित प्रावधानों को लागू किया गया है और भारत में भी इस पर चर्चा होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद सदन में भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायकों ने कड़ा विरोध जताया।

तीन तलाक और बहुविवाह पर क्या बोलीं सना मलिक?

सना मलिक ने सदन में कहा कि इस्लाम में तलाक के विभिन्न तरीके हैं, जिनमें तलाक-ए-अहसन, तलाक-ए-हसन और तलाक-ए-बिद्दत शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) की प्रथा व्यापक रूप से प्रचलित नहीं थी और इस विषय पर बनी कानूनी व्यवस्था को लेकर उन्होंने सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने बहुविवाह के मुद्दे पर कहा कि यह केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं है और इस पर व्यापक स्तर पर चर्चा होनी चाहिए।

बाद में सना मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी कानून का आधार संविधान होना चाहिए और ऐसा कोई कानून नहीं होना चाहिए, जिससे किसी धर्म विशेष की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी राय रखना था और उन्होंने विधानसभा में इसी संदर्भ में अपनी बात रखी।

सदन में हुआ जोरदार विरोध

सना मलिक के बयान के बाद भाजपा विधायक अतुल भातखळकर ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि भारत का शासन संविधान के अनुसार चलता है, न कि किसी धार्मिक ग्रंथ के आधार पर। सदन में इस मुद्दे पर काफी देर तक बहस और नारेबाजी होती रही।

वहीं, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने भी सना मलिक के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही तीन तलाक पर कानून बना चुकी है और देश संविधान के अनुसार चलता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई संविधान को स्वीकार नहीं करता, तो उसे अपने पद पर बने रहने पर विचार करना चाहिए।

महाराष्ट्र में UCC को लेकर बढ़ी सियासी चर्चा

गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की संभावनाओं पर काम कर रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू की है। राज्य सरकार का कहना है कि यदि UCC लागू किया जाता है, तो वह सभी धर्मों और समुदायों पर समान रूप से लागू होगा।

सना मलिक के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में UCC, मुस्लिम पर्सनल लॉ और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

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