24 Jun 2026, Wed

भारत ने UNSC की बैठक में पाकिस्तान को लताड़ा, कश्मीर का जिक्र किया तो दिखाया आईना

United Nations Security Council की एक बैठक में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि Parvathaneni Harish ने पाकिस्तान पर बैठक का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए स्पष्ट कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और यह भारत का अभिन्न तथा अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।

यह घटनाक्रम न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तथाकथित ‘एरिया-फॉर्मूला’ बैठक के दौरान सामने आया, जहां पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया गया था। भारत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान की टिप्पणियों को अनावश्यक और अनुचित करार दिया।

पाकिस्तान की टिप्पणियों पर भारत का कड़ा जवाब

बैठक के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि एक सह-अध्यक्ष के रूप में पाकिस्तान से निष्पक्ष और संतुलित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है, लेकिन उसने इस मंच का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया।

हरीश ने कहा, “यह आश्चर्यजनक है कि एक सह-अध्यक्ष, जिससे निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है, उसने इस मंच का राजनीतिकरण करने का निर्णय लिया। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है।”

उन्होंने आगे कहा कि Jammu and Kashmir और Ladakh भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं तथा इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं होने वाला है।

पाकिस्तान और चीन ने आयोजित की थी बैठक

भारत की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि Asim Iftikhar Ahmad ने बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया।

बताया गया कि यह बैठक संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान और China के स्थायी मिशनों की ओर से आयोजित की गई थी। पाकिस्तान वर्तमान में 2025-2026 कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य है।

भारत ने स्पष्ट संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल द्विपक्षीय मुद्दों को उठाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

क्या होती हैं ‘एरिया-फॉर्मूला’ बैठकें?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘एरिया-फॉर्मूला’ बैठकें अनौपचारिक और गोपनीय स्वरूप की होती हैं। इन बैठकों में सुरक्षा परिषद के सदस्य और आमंत्रित प्रतिभागी अपेक्षाकृत लचीले माहौल में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं।

इन बैठकों का उद्देश्य संवेदनशील विषयों पर खुलकर विचार-विमर्श करना होता है। हालांकि, इन बैठकों में लिए गए विचार या चर्चाएं औपचारिक रूप से सुरक्षा परिषद के आधिकारिक निर्णय का हिस्सा नहीं मानी जातीं।

अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर भारत का जोर

बैठक के दौरान पर्वतनेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के विभिन्न प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्टर VI और चैप्टर VII विवादों और संघर्षों के समाधान के लिए अलग-अलग तंत्र प्रदान करते हैं।

हरीश ने स्पष्ट किया कि चैप्टर VII का उपयोग उन परिस्थितियों में किया जाता है, जहां अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरा हो, शांति भंग होने की आशंका हो या आक्रामकता की स्थिति उत्पन्न हो। वहीं, चैप्टर VI विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर केंद्रित है और विभिन्न कूटनीतिक विकल्पों की व्यवस्था करता है।

भारत का पुराना रुख दोहराया

भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े सभी मुद्दे पूरी तरह द्विपक्षीय हैं और उनका समाधान भारत तथा पाकिस्तान के बीच आपसी बातचीत के माध्यम से ही संभव है।

नई दिल्ली लगातार यह भी दोहराती रही है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस विषय पर किसी भी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की ताजा प्रतिक्रिया को इसी नीति का विस्तार माना जा रहा है, जिसमें भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे के राजनीतिकरण को स्वीकार नहीं करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *