28 May 2026, Thu

भारत और चीन के अधिकारियों के बीच बीजिंग में बड़ी बैठक, बॉर्डर के मुद्दे को लेकर हुई अहम बातचीत

भारत और चीन के बीच सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से 27 मई 2026 को बीजिंग में सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय तंत्र (WMCC) की 35वीं बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने किया, जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा एवं महासागरीय मामलों के विभाग की महानिदेशक होउ यानची ने किया। दोनों पक्षों ने बातचीत को रचनात्मक, सकारात्मक और भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने वाला बताया।

बैठक के दौरान भारत और चीन ने सीमा क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति का व्यापक आकलन किया। दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों का मानना है कि सीमा पर तनाव कम होने से दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया को गति मिली है।

वार्ता में सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, आपसी समन्वय तंत्र को मजबूत करने और सीमा पार सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय पक्ष ने विशेष रूप से सीमा पार बहने वाली नदियों से जुड़े मामलों को उठाया और ट्रांस-बॉर्डर रिवर्स पर कार्य करने वाले एक्सपर्ट लेवल मैकेनिज्म की अगली बैठक जल्द आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि सीमा क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचने और स्थिरता बनाए रखने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर पर नियमित संवाद जारी रखा जाएगा। इसके लिए उन तंत्रों का भी उपयोग किया जाएगा जिन पर पहले हुई विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ताओं के दौरान सहमति बनी थी।

बैठक में यह भी तय किया गया कि चीन में आयोजित होने वाली अगली विशेष प्रतिनिधि बैठक की तैयारियों के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे। अधिकारियों ने माना कि नियमित संवाद और विश्वास निर्माण के प्रयास सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

बीजिंग दौरे के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सुजीत घोष ने चीन के विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक लियू जिनसोंग से भी मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने चीन के सहायक विदेश मंत्री होंग लेई से शिष्टाचार भेंट कर द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में सीमा क्षेत्रों में तनाव कम करने और संवाद बढ़ाने के प्रयासों से दोनों देशों के संबंधों में सुधार की संभावना बढ़ी है। हालांकि सीमा विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन लगातार हो रही उच्च स्तरीय बैठकों से समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

भारत और चीन के बीच यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश आर्थिक, व्यापारिक और क्षेत्रीय सहयोग को भी नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना दोनों देशों के लिए रणनीतिक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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