भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी दौरे से पहले न्यूजीलैंड की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। टीम को एक और बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उसके प्रमुख तेज गेंदबाज विलियम ओ’रूर्के चोट के कारण भारत के खिलाफ वनडे और टेस्ट सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। उनकी गैरमौजूदगी से न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण पर असर पड़ सकता है। फिलहाल वह हैमस्ट्रिंग और काफ मसल की चोट से उबर रहे हैं। टीम प्रबंधन ने उनकी फिटनेस को प्राथमिकता देते हुए जल्दबाजी में मैदान पर उतारने के बजाय उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है।
भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के दौरे पर पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। ऐसे में घरेलू परिस्थितियों में मजबूत प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही न्यूजीलैंड टीम के लिए प्रमुख खिलाड़ियों का चोटिल होना चिंता का विषय बन गया है।
चोट से उबरने के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय
न्यूजीलैंड क्रिकेट की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, विलियम ओ’रूर्के को दोनों चोटों से पूरी तरह उबरने और गेंदबाजी का कार्यभार धीरे-धीरे बढ़ाने के लिए समय दिया जाएगा। टीम प्रबंधन का मानना है कि उनकी वापसी में जल्दबाजी करने से चोट दोबारा उभरने का खतरा हो सकता है।
न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वाल्टर ने भी माना कि भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज से बाहर रहना खिलाड़ी के लिए निराशाजनक है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय तक टीम के लिए उपलब्ध रहने के लिहाज से फिटनेस पर ध्यान देना जरूरी है।
टीम प्रबंधन की नजर दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज पर भी है। न्यूजीलैंड चाहेगा कि ओ’रूर्के उस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले पूरी तरह फिट हो जाएं। हालांकि, उनकी वापसी की अंतिम तारीख उनकी रिकवरी और फिटनेस पर निर्भर करेगी।
टी20 सीरीज से पहले भी बढ़ी मुश्किलें
भारत के न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत पांच मैचों की टी20 सीरीज से होगी, जिसका आगाज 22 अक्टूबर से होना है। इस सीरीज के लिए घोषित टीम में ओ’रूर्के को जगह नहीं मिली थी। अब मार्क चैपमैन और जैक फोल्क्स के चोट के कारण बाहर होने से टीम की परेशानी और बढ़ गई है।
इन खिलाड़ियों की जगह जोश क्लार्कसन और ब्लेयर टिकनर को टी20 टीम में शामिल किया गया है। लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारण टीम प्रबंधन को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है।
भारतीय टीम के खिलाफ गेंदबाजी होगी चुनौती
विलियम ओ’रूर्के अपनी तेज गेंदबाजी और विरोधी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। वनडे और टेस्ट प्रारूप में उनकी अनुपस्थिति न्यूजीलैंड के लिए चुनौती बन सकती है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, जहां लंबे स्पेल और लगातार सटीक गेंदबाजी की जरूरत पड़ती है।
भारत के खिलाफ सीरीज में न्यूजीलैंड को अपने दूसरे तेज गेंदबाजों पर अधिक जिम्मेदारी सौंपनी पड़ सकती है। वहीं, भारतीय टीम इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेगी।
अब सभी की नजर न्यूजीलैंड के बाकी खिलाड़ियों की फिटनेस और टीम संयोजन पर रहेगी। घरेलू मैदान पर भारत को चुनौती देने के लिए कीवी टीम को अपने उपलब्ध खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

