9 Jun 2026, Tue

भारतीयों ने जमकर खरीदीं कार और बाइक! मई में बिकीं 25 लाख से ज्यादा गाड़ियां, टूटे सारे रिकॉर्ड

भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने मई 2026 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद देशभर में वाहनों की बिक्री ने रिकॉर्ड स्तर को छू लिया। कार, बाइक, स्कूटर, ट्रैक्टर और कमर्शियल वाहनों सहित कुल रिटेल बिक्री 25 लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गई, जो भारतीय ऑटो बाजार के इतिहास में मई महीने का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन माना जा रहा है।

ऑटोमोबाइल डीलर्स संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में कुल 25,31,067 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई। पिछले वर्ष मई 2025 में यह आंकड़ा 23,10,451 यूनिट था। इस तरह सालाना आधार पर बिक्री में 9.55 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत उपभोक्ता मांग, बेहतर वित्तीय सुविधाएं और ग्रामीण बाजारों में बढ़ती खरीदारी ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।

कार बिक्री में शानदार उछाल

मई 2026 में सबसे ज्यादा तेजी पैसेंजर व्हीकल यानी कार सेगमेंट में देखने को मिली। इस दौरान कुल 4,02,591 कारों की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 3,26,656 यूनिट था। यानी कार बिक्री में 23.25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। एसयूवी और प्रीमियम वाहनों की बढ़ती मांग ने इस सेगमेंट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

दोपहिया वाहनों ने भी बनाया रिकॉर्ड

बाइक और स्कूटर की बिक्री भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। मई महीने में कुल 18,44,947 दोपहिया वाहन बिके, जबकि एक साल पहले यह संख्या 17,15,581 थी। इस तरह इस श्रेणी में 7.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ने, शादी-विवाह के सीजन और कम ईंधन खर्च वाले वाहनों की मांग ने बिक्री को गति दी।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। मई 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 9.25 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष यह केवल 6.11 प्रतिशत थी। इससे साफ है कि पर्यावरण अनुकूल और कम खर्च वाले वाहनों की ओर ग्राहकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।

कमर्शियल और तीन पहिया वाहनों में भी मजबूती

माल ढुलाई और व्यवसायिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का असर कमर्शियल वाहन बाजार पर भी देखने को मिला। मई 2026 में कमर्शियल वाहनों की बिक्री 5.29 प्रतिशत बढ़कर 83,823 यूनिट तक पहुंच गई। वहीं तीन पहिया वाहनों की बिक्री में भी 3.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और कुल 1,11,526 यूनिट की बिक्री हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की बढ़ती गतिविधियों ने इस सेगमेंट को मजबूती प्रदान की है।

जून के लिए भी सकारात्मक संकेत

FADA के अनुसार, जून महीने को लेकर डीलर्स का दृष्टिकोण काफी सकारात्मक है। लगभग 50 प्रतिशत डीलर्स को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में बिक्री में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मानसून की अच्छी शुरुआत, खरीफ फसलों की बुवाई और ग्रामीण इलाकों में नकदी प्रवाह बढ़ने से ऑटो सेक्टर को अतिरिक्त समर्थन मिलने की संभावना है।

हालांकि ईंधन की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अत्यधिक गर्मी जैसी चुनौतियां अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

मांग की मजबूती ने दिखाई ताकत

FADA के अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती लागत के बावजूद भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार ने अपनी मजबूती साबित की है। मई 2026 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि देश में उपभोक्ता मांग मजबूत बनी हुई है और यदि आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो आने वाले महीनों में भी वाहन बिक्री का यह सकारात्मक रुख जारी रह सकता है। भारतीय ऑटो उद्योग के लिए यह प्रदर्शन भविष्य की मजबूत संभावनाओं का संकेत माना जा रहा है।

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