भागलपुर में बड़ा हादसा: गंगा पर बने विक्रमशिला सेतु का हिस्सा टूटा, जांच के आदेश
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया, जब गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया। यह घटना उस समय हुई जब पुल पर वाहनों की आवाजाही जारी थी, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार यह घटना देर रात करीब 12:50 बजे हुई, जब पुल के पिलर नंबर 133 के पास दो स्लैब के बीच दरार दिखाई दी। इसके कुछ ही समय बाद एक बड़ा स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया।
प्रशासन ने तुरंत रोका यातायात
भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि जैसे ही दरार की सूचना मिली, तुरंत कार्रवाई करते हुए पुल पर चल रहे वाहनों को रोक दिया गया और लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटा दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे में कोई घायल या हताहत नहीं हुआ है।
घटना के बाद प्रशासन ने पुल के दोनों ओर—भागलपुर और नवगछिया—से यातायात पूरी तरह बंद कर दिया है। लोगों को वैकल्पिक मार्ग के रूप में मुंगेर के रास्ते यात्रा करने की सलाह दी गई है।
जांच के लिए बनी विशेषज्ञ समिति
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेषज्ञ इंजीनियरिंग टीम का गठन किया है, जो इस हादसे के कारणों की जांच करेगी। टीम यह पता लगाएगी कि पुल का हिस्सा किस वजह से टूटा और क्या इसमें रखरखाव या तकनीकी खामी की कोई भूमिका थी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मरम्मत कार्य भी कराया जाएगा।
राजनीतिक बयानबाजी शुरू
हादसे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी दलों ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। राजद ने दावा किया कि पुल की स्थिति को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं की गई।
वहीं पप्पू यादव ने भी राज्य के पथ निर्माण विभाग और सेतु निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह घटना गंभीर लापरवाही का नतीजा हो सकती है।
स्थानीय लोगों में चिंता
घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है, क्योंकि यह पुल भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है और रोजाना हजारों वाहन इससे गुजरते हैं।
निष्कर्ष
विक्रमशिला सेतु के हिस्से के टूटने की घटना ने एक बार फिर बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

