12 Aug 2026, Wed

‘बैन लगाने वालों का शुक्रिया’, भारत में लगे 10 साल के बैन पर आतिफ असलम ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लोग VPN पर सुनते हैं

नई दिल्ली: पाकिस्तान के मशहूर गायक आतिफ असलम ने भारत में लगे प्रतिबंध के लगभग 10 साल बाद पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत में काम न कर पाने का अफसोस नहीं है, लेकिन वे अपने भारतीय फैंस को बहुत याद करते हैं। आतिफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान लंबे समय से प्रभावित है।

एक यूट्यूब इंटरव्यू में आतिफ असलम ने भारतीय संगीत उद्योग से अपनी दूरी पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में उन्होंने भारत के लिए कोई गाना रिकॉर्ड नहीं किया है। हालांकि उन्हें यह देखकर खुशी होती है कि भारत में आज भी उनके गानों को पसंद किया जाता है और उनके प्रशंसक विभिन्न माध्यमों से उनका संगीत सुनते हैं।

आतिफ ने कहा कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती और जहां संगीत को पहुंचना होता है, वह किसी न किसी रास्ते से लोगों तक पहुंच ही जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पायरेसी का समर्थन नहीं करते, लेकिन उन्हें अपने भारतीय प्रशंसकों के प्यार और समर्थन की लगातार जानकारी मिलती रहती है।

भारतीय फैंस के लिए भावुक संदेश देते हुए आतिफ असलम ने कहा, “मुझे वहां काम करने की कमी महसूस नहीं होती, लेकिन मैं आप लोगों को बहुत मिस करता हूं।” उन्होंने अपने प्रशंसकों से निराश न होने की अपील की और कहा कि उनका प्यार और समर्थन हमेशा उनके लिए बेहद खास रहेगा।

आतिफ ने यह भी कहा कि भारत में प्लेबैक सिंगिंग ने उन्हें एक कलाकार के रूप में बहुत कुछ सिखाया। उनके अनुसार, यदि यह प्रतिबंध नहीं लगा होता तो शायद उन्हें अपना स्वतंत्र संगीत बनाने और खुद को नए तरीके से एक्सप्लोर करने का अवसर नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि इस दौर ने उन्हें अपनी पहचान को नए सिरे से समझने और रचनात्मक रूप से आगे बढ़ने में मदद की।

उन्होंने आश्चर्यजनक रूप से यह भी कहा कि वे उन लोगों का भी शुक्रिया अदा करते हैं जिनकी वजह से यह स्थिति बनी, क्योंकि उसी के कारण उन्हें अपने संगीत और करियर के नए आयाम तलाशने का मौका मिला।

गौरतलब है कि सितंबर 2016 में जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने भारतीय निर्माताओं को नए प्रोजेक्ट्स में पाकिस्तानी कलाकारों और तकनीशियनों को शामिल न करने की सलाह दी थी। इस फैसले का असर कई लोकप्रिय पाकिस्तानी कलाकारों पर पड़ा, जिनमें आतिफ असलम भी शामिल थे।

इसके बाद 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंध और अधिक प्रभावित हुए। भारतीय फिल्म और संगीत उद्योग में पाकिस्तानी कलाकारों की भागीदारी लगभग पूरी तरह बंद हो गई।

आतिफ असलम का यह बयान एक बार फिर इस बहस को सामने लेकर आया है कि कला, संगीत और संस्कृति को राजनीतिक विवादों से अलग रखा जाना चाहिए या नहीं। फिलहाल दोनों देशों के बीच आधिकारिक स्तर पर सांस्कृतिक सहयोग सीमित है, लेकिन आतिफ के बयान से यह साफ है कि उनके भारतीय फैंस के साथ भावनात्मक जुड़ाव आज भी पहले जैसा बना हुआ है।

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