सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 48 प्रतिशत घटकर 1,783 करोड़ रुपये रह गया। बैंक के मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के NMC ग्रुप से जुड़े मामले में अदालत के बाहर हुए समझौते के तहत किया गया 5,680 करोड़ रुपये का भुगतान बताया गया है।
हालांकि, बैंक के मुख्य कारोबार से जुड़े कई आंकड़े सकारात्मक रहे। पहली तिमाही में बैंक की मुख्य शुद्ध ब्याज आय (NII) करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 12,524 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, बैंक के लोन पोर्टफोलियो में भी 17 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बावजूद वैश्विक शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) एक साल पहले के 2.91 प्रतिशत से घटकर 2.77 प्रतिशत रह गया।
NMC मामले में 5,680 करोड़ रुपये का भुगतान
बैंक ऑफ बड़ौदा के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर देबदत्त चंद ने कहा कि NMC ग्रुप से जुड़े लंबे समय से चल रहे जटिल विवाद को समाप्त करने के लिए अदालत के बाहर समझौता करना बैंक के लिए व्यावसायिक रूप से उचित फैसला था। यह विवाद अबू धाबी, इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों में चल रहा था।
बैंक ने 2 जुलाई को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया था कि उसने NMC Health PLC, NMC Healthcare Limited और NMC Holding Limited के साथ अदालत के बाहर समझौता किया है। इस समझौते के तहत बैंक की अबू धाबी शाखा के माध्यम से 60 करोड़ डॉलर यानी करीब 5,700 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इस भुगतान का असर पहली तिमाही के बैंक के शुद्ध लाभ पर भी दिखाई दिया।
NII में 10 फीसदी की बढ़ोतरी
NMC मामले के कारण मुनाफे में गिरावट के बावजूद बैंक की ब्याज आय में मजबूत वृद्धि देखने को मिली। अप्रैल-जून तिमाही में बैंक की मुख्य शुद्ध ब्याज आय लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर 12,524 करोड़ रुपये हो गई। इस दौरान बैंक के लोन पोर्टफोलियो में 17 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई।
हालांकि, बैंक का वैश्विक NIM घटकर 2.77 प्रतिशत रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2.91 प्रतिशत था। बैंक के कुल प्रावधान भी घटकर 643 करोड़ रुपये रह गए, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह आंकड़ा 1,967 करोड़ रुपये था।
बैंक ने लोन ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखा
सीईओ देबदत्त चंद ने कहा कि बैंक वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने लोन पोर्टफोलियो में 12 से 14 प्रतिशत की वृद्धि के लक्ष्य पर कायम है। इसके साथ ही बैंक ने NIM को 2.75 से 2.95 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने का लक्ष्य भी बरकरार रखा है।
बैंक के मुताबिक, उसने विदेशी मुद्रा प्रवासी बैंक जमा यानी FCNR(B) के तहत अब तक 70 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। बैंक को उम्मीद है कि जुलाई के अंत तक यह राशि बढ़कर 1 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।
शेयर बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर चढ़े
बैंक के तिमाही नतीजों के बीच शुक्रवार को बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। बीएसई पर बैंक का शेयर 1.48 प्रतिशत यानी 3.60 रुपये की बढ़त के साथ 246.60 रुपये के भाव पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर ने 239.30 रुपये का इंट्राडे लो और 247.10 रुपये का इंट्राडे हाई बनाया।
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर का 52 हफ्तों का निचला स्तर 231 रुपये और ऊपरी स्तर 325.55 रुपये है। अब निवेशकों की नजर बैंक के आगामी तिमाहियों के प्रदर्शन, लोन ग्रोथ, NIM और NMC समझौते के वित्तीय प्रभाव पर रहेगी।

