नई दिल्ली: चुकंदर (बीटरूट) को आमतौर पर सलाद, सैंडविच या सब्जियों के साथ खाया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चुकंदर का जूस भी पोषण का अच्छा स्रोत हो सकता है। इसमें फाइबर, फोलेट, पोटैशियम, नाइट्रेट और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के विभिन्न कार्यों में मदद करते हैं।
साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक और चिकित्सक डॉ. बिमल छाजेर के अनुसार, यदि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ चुकंदर के जूस को सीमित मात्रा में शामिल किया जाए, तो इससे स्वास्थ्य को कई संभावित लाभ मिल सकते हैं। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
वजन नियंत्रण में सहायक
डॉ. छाजेर के अनुसार, 100 ग्राम चुकंदर में लगभग 43 कैलोरी होती है। इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। कम कैलोरी और अपेक्षाकृत अधिक फाइबर के कारण यह वजन नियंत्रण या संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है।
हालांकि, वजन कम करने के लिए केवल चुकंदर का जूस पर्याप्त नहीं है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
एनीमिया में हो सकता है लाभ
चुकंदर में आयरन, फोलेट और विटामिन C जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। विटामिन C शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद करता है। डॉक्टर के अनुसार, चुकंदर का जूस संतुलित आहार के हिस्से के रूप में लेने से कुछ लोगों में हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के निर्माण की प्रक्रिया को समर्थन मिल सकता है।
हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को एनीमिया है, तो उसकी जांच और उपचार डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही होना चाहिए। केवल चुकंदर का जूस पीकर एनीमिया का इलाज नहीं किया जा सकता।
रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य
चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट पाए जाते हैं, जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड में परिवर्तित होकर रक्त वाहिकाओं को फैलाने में मदद कर सकते हैं। इससे कुछ लोगों में रक्त प्रवाह बेहतर हो सकता है और रक्तचाप पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कुछ शोधों में यह पाया गया है कि चुकंदर का जूस सीमित स्तर पर रक्तचाप कम करने में सहायक हो सकता है, लेकिन यह प्रभाव सभी लोगों में समान नहीं होता।
पाचन के लिए भी उपयोगी
फाइबर की अच्छी मात्रा होने के कारण चुकंदर पाचन तंत्र के लिए लाभदायक माना जाता है। यह कब्ज की समस्या में मदद कर सकता है और आंतों के सामान्य कार्य को बनाए रखने में योगदान दे सकता है।
जूस की तुलना में पूरा चुकंदर खाने से अधिक फाइबर मिलता है, इसलिए दोनों रूपों का संतुलित उपयोग बेहतर माना जाता है।
सेवन करते समय रखें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार, चुकंदर का जूस सीमित मात्रा में पीना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ लोगों में पेट फूलना, गैस या पेशाब और मल का लाल या गुलाबी रंग (बीट्यूरिया) दिखाई दे सकता है, जो कई मामलों में सामान्य होता है।
जिन लोगों को किडनी स्टोन (विशेषकर ऑक्सालेट स्टोन) की समस्या है, उन्हें चुकंदर का सेवन सीमित करने की सलाह दी जा सकती है। मधुमेह के मरीजों को भी बिना चीनी मिलाए चुकंदर का जूस लेना चाहिए और मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि चुकंदर का जूस पोषक तत्वों से भरपूर एक स्वस्थ पेय हो सकता है, लेकिन इसे संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ ही अपनाना चाहिए। किसी भी पुरानी बीमारी, एनीमिया, किडनी रोग या विशेष चिकित्सीय स्थिति में नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है।

