चमोली: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित चोरी एवं वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विशेष जांच टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व टेंपल ऑफिसर राजेंद्र सिंह चौहान को शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने उनसे बद्रीनाथ में करीब चार घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोपहर करीब तीन बजे गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
राजेंद्र सिंह चौहान 30 जून 2026 को अपने पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के कुछ ही दिनों बाद उनका नाम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित गबन की जांच में सामने आया। एसआईटी अब उनसे मंदिर की नकदी गणना व्यवस्था, दान की रकम के रिकॉर्ड और कथित अनियमितताओं में अन्य कर्मचारियों की संभावित भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी।
CCTV फुटेज में नकदी निकालने का दावा
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर के गणना कक्ष में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग मामले का अहम साक्ष्य बनी है। दावा किया गया है कि फुटेज में राजेंद्र चौहान को 22, 25 और 29 जून को कथित रूप से काउंटिंग रूम से नकदी निकालते हुए देखा गया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।
एसआईटी ने CCTV रिकॉर्डिंग के अतिरिक्त मंदिर के दान संबंधी रजिस्टर, नकदी की गणना का विवरण और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रूप से निकाली गई रकम कितनी थी और क्या इस कार्रवाई में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी ने भी सहयोग किया था।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने विभागीय जांच शुरू की थी। इस प्रकरण में निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, इसलिए अन्य संभावित संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मंदिर के रिकॉर्ड में चांदी की वस्तुओं की दर्ज मात्रा और उपलब्ध सामान के बीच कथित अंतर भी सामने आया था। इसके बाद संबंधित खजांची के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई। जांच समिति ने पूरे मामले से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर एसआईटी की जांच आगे बढ़ाई गई।
18 जुलाई को कोर्ट में पेशी
गिरफ्तार पूर्व टेंपल ऑफिसर राजेंद्र सिंह चौहान को शनिवार, 18 जुलाई 2026 को सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसआईटी अदालत से उनकी हिरासत की मांग कर सकती है, ताकि कथित चोरी की रकम, लेन-देन और अन्य संदिग्धों की भूमिका के बारे में आगे पूछताछ की जा सके।
बद्रीनाथ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है और इसका प्रशासन बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति संभालती है। ऐसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल के दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मामले ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा है।
फिलहाल राजेंद्र चौहान के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। उन्हें अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक आरोपी ही माना जाएगा। एसआईटी का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और साक्ष्यों के आधार पर अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

