सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरी रही। सोमवार को कारोबार के दौरान निवेशकों को भारी दबाव और घबराहट का सामना करना पड़ा, जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट देखने को मिली। हालांकि दिन के आखिरी घंटों में बाजार ने शानदार वापसी की और निवेशकों को बड़ी राहत मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स अंत में 77 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 75,315.04 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 23,649.95 अंक पर पहुंचकर बंद हुआ।
दिनभर बाजार में भारी अस्थिरता बनी रही। शुरुआती कारोबार में वैश्विक संकेतों और बिकवाली के दबाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1.3 प्रतिशत तक टूट गए थे। बाजार में लगातार छठे कारोबारी सत्र तक गिरावट का दौर जारी रहा था, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी। पिछले कुछ दिनों में बाजार पहले ही 3.5 से 4 प्रतिशत तक कमजोर हो चुका था। ऐसे में सोमवार की तेज गिरावट ने निवेशकों के बीच डर का माहौल बना दिया था। लेकिन दोपहर बाद बाजार में खरीदारी बढ़ने लगी और प्रमुख सूचकांकों ने तेजी से रिकवरी दिखाई।
विशेषज्ञों के अनुसार, निचले स्तरों पर निवेशकों ने खरीदारी का मौका देखा, जिससे बाजार को मजबूती मिली। खासतौर पर आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयरों ने बाजार को संभालने में बड़ी भूमिका निभाई। टेक महिंद्रा के शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। बाजार जानकारों का कहना है कि डॉलर और वैश्विक टेक सेक्टर से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने आईटी कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
फार्मा सेक्टर में भी शानदार तेजी देखने को मिली। ग्लैंड फार्मा के शेयरों में 13 प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई। कंपनी के बेहतर तिमाही नतीजों और मुनाफे में बढ़ोतरी की खबर से निवेशकों का उत्साह बढ़ गया। इसके अलावा कई दवा कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती रही, जिसने बाजार को गिरावट से बाहर निकालने में मदद की।
हालांकि सभी सेक्टरों का प्रदर्शन सकारात्मक नहीं रहा। मेटल और बैंकिंग शेयरों में दबाव देखने को मिला। टाटा स्टील के शेयर करीब 5 प्रतिशत तक टूट गए। कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे, जिसका असर शेयर पर दिखाई दिया। इसके अलावा हिंदाल्को, पावर ग्रिड और कुछ बड़े बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी रही।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी को 23,300 से 23,400 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिला, जिसके बाद बाजार में रिकवरी शुरू हुई। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों ने भी वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया। इससे भारतीय बाजार में भी निवेशकों का भरोसा लौटा।
कुल मिलाकर सोमवार का कारोबार निवेशकों के लिए रोलर-कोस्टर जैसा रहा। हालांकि आखिरी समय में आई रिकवरी ने बाजार को संभाल लिया और यह संकेत दिया कि निवेशक अभी भी भारतीय बाजार में भरोसा बनाए हुए हैं।

