रावलपिंडी: पाकिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज फखर जमान ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में एक छक्का लगाते ही उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर में छक्कों का शतक पूरा कर लिया। इस उपलब्धि के साथ वह पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पाकिस्तान के पहले बल्लेबाज बन गए हैं।
हालांकि, फखर जमान की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पाकिस्तान की टीम को जीत नहीं दिला सकी। श्रीलंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरे मुकाबले में पाकिस्तान को आठ विकेट से हरा दिया। पाकिस्तान शुरुआती दो मैच जीतकर सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुका था, इसलिए आखिरी मुकाबले में मिली हार के बावजूद सीरीज पर उसका कब्जा बरकरार रहा।
एक छक्के से हासिल किया बड़ा मुकाम
रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले से पहले फखर जमान के नाम 99 छक्के दर्ज थे। उन्हें 100 छक्कों का आंकड़ा छूने के लिए केवल एक छक्के की जरूरत थी। उन्होंने श्रीलंका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बिनुरा फर्नांडो की गेंद पर छक्का लगाकर यह उपलब्धि हासिल की।
फखर ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर की 113वीं पारी में छक्कों का शतक पूरा किया। हालांकि, वह इस उपलब्धि के बाद ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। इसके बावजूद उनका यह रिकॉर्ड पाकिस्तानी क्रिकेट के लिए खास बन गया।
पाकिस्तान के बल्लेबाजों में सबसे आगे निकले फखर
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में फखर जमान अब शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उनके नाम 100 छक्के दर्ज हो चुके हैं।
इस सूची में मोहम्मद रिजवान 95 छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। साहिबजादा फरहान 81 छक्कों के साथ तीसरे, जबकि बाबर आजम 80 छक्कों के साथ चौथे स्थान पर हैं। पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज मोहम्मद हफीज ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर में 76 छक्के लगाए थे।
फखर की यह उपलब्धि उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और लंबे समय से टीम के लिए योगदान देने का प्रमाण है। वह अपनी तेज शुरुआत और बड़े शॉट खेलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
श्रीलंका ने आठ विकेट से जीता आखिरी मुकाबला
तीसरे टी20 मैच में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उसका यह निर्णय सही साबित हुआ और पाकिस्तानी बल्लेबाज नियमित अंतराल पर विकेट गंवाते रहे। एक समय पाकिस्तान की टीम छह विकेट के नुकसान पर 102 रन बनाकर मुश्किल स्थिति में थी।
पाकिस्तान की टीम को उम्मीद थी कि वह आखिरी मुकाबला जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करेगी, लेकिन श्रीलंका के गेंदबाजों ने उसे बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया। इसके बाद श्रीलंका के बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कप्तान कुसल मेंडिस की शानदार बल्लेबाजी ने श्रीलंका की जीत में अहम भूमिका निभाई। टीम ने आठ विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया और सीरीज में क्लीन स्वीप होने से बच गई।
फखर जमान के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से यादगार रहा, लेकिन टीम को हार का सामना करना पड़ा। अब उनकी नजर आगामी मुकाबलों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने और पाकिस्तान के लिए उपयोगी पारियां खेलने पर होगी।

