इस्लामाबाद/पेशावर। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुद्वारे के अंदर बुजुर्ग सिख दंपति की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मर्दन जिले में हुए इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के मुख्य संदिग्ध आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी आतंकवादी संगठन या प्रतिबंधित समूह की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि हत्या के पीछे की असली वजह का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है और मामले की जांच जारी है।
मृतकों की पहचान जगन्नाथ और उनकी पत्नी अस्मा वंती के रूप में हुई है। दोनों मर्दन जिले के बाबू मोहल्ला स्थित गुरुद्वारे में सेवादार के रूप में कार्यरत थे और वहीं रहते थे। बुधवार को अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के अंदर घुसकर दोनों को गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय सिख समुदाय में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मर्दन के डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर (DPO) मसूद अहमद बंगश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्य संदिग्ध आरोपी की पहचान शेर शाह के रूप में हुई है, जो अमजुगरी क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
बंगश ने बताया कि मामले की जांच के लिए पुलिस, काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त जांच टीम बनाई गई है। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि आरोपी का किसी आतंकवादी संगठन, प्रतिबंधित समूह या संगठित आपराधिक नेटवर्क से कोई सीधा संबंध नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
इस घटना के बाद भारत समेत दुनिया भर के सिख समुदाय में चिंता बढ़ गई है। कई भारतीय नेताओं और सिख संगठनों ने पाकिस्तान सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। भाजपा नेता तरुण चुघ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से मामले का संज्ञान लेने की अपील भी की।
वहीं अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर सजा देने और पाकिस्तान में रहने वाले सिखों सहित सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले को संवेदनशीलता के साथ देखा जा रहा है और जांच के हर पहलू पर काम किया जा रहा है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सिख समुदाय को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही हत्या के पीछे की असली वजह और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में भी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

