इंग्लैंड दौरे पर शुरुआती दो टेस्ट मैचों में मिली हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में उठापटक का दौर जारी है। दौरे के बीच अचानक कई खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर वापस बुलाने के फैसले ने क्रिकेट जगत में चर्चा तेज कर दी है। इस फैसले को लेकर अब पाकिस्तान के पूर्व मुख्य कोच जेसन गिलेस्पी ने भी खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने टीम की चयन प्रक्रिया और फैसलों पर सवाल उठाते हुए चयन समिति के प्रमुख आकिब जावेद को निशाने पर लिया है।
खिलाड़ियों को बीच दौरे से वापस बुलाने पर नाराजगी
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान पाकिस्तान के स्क्वाड में बड़ा बदलाव देखने को मिला। शुरुआती मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं होने के बाद टीम में शामिल सात खिलाड़ियों को दौरे के बीच ही वापस पाकिस्तान भेज दिया गया। इस फैसले ने कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों को हैरान किया।
जेसन गिलेस्पी का कहना है कि इस तरह के फैसलों का सबसे ज्यादा असर खिलाड़ियों पर पड़ता है। उनके मुताबिक क्रिकेटरों के लिए टीम से बाहर होना केवल खेल से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि उनकी रोजी-रोटी और करियर से भी जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखकर ऐसा लगता है कि खिलाड़ी दबाव और डर के माहौल में खेल रहे हैं।
कप्तानी और चयन को लेकर भी उठाया सवाल
गिलेस्पी ने टीम के भीतर फैसलों में निरंतरता की कमी का उदाहरण देते हुए कप्तानी से जुड़ी स्थिति पर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक एक खिलाड़ी को पहले टेस्ट में टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी जाती है और फिर अगले मुकाबले के लिए उसे टीम से बाहर कर दिया जाता है। इतना ही नहीं, तीसरे टेस्ट से पहले उसके घर लौटने की स्थिति बन जाती है।
पूर्व कोच ने सवाल किया कि आखिर चयन और टीम प्रबंधन से जुड़े फैसले इतनी तेजी से कैसे बदल सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि खिलाड़ियों को लेकर कोई स्पष्ट दीर्घकालिक रणनीति नजर नहीं आ रही है।
आकिब जावेद पर लगाए गंभीर आरोप
गिलेस्पी ने चयन प्रक्रिया को लेकर आकिब जावेद की कार्यशैली पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम के चयन को लेकर फैसलों में स्थिरता नहीं दिखाई दे रही है और परिस्थितियों के साथ रणनीति लगातार बदलती नजर आती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में मौजूदा स्थिति के लिए पूर्व कोचिंग स्टाफ को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। गिलेस्पी के अनुसार, वह पाकिस्तान टीम के साथ सीमित समय के लिए जुड़े थे, जबकि चयन व्यवस्था से जुड़े मौजूदा लोग लंबे समय से अपनी भूमिका में हैं। ऐसे में हर समस्या का ठीकरा पुराने कोचों पर फोड़ना सही नहीं माना जा सकता।
खिलाड़ियों के साथ व्यवहार पर भी सवाल
सबसे गंभीर बात गिलेस्पी ने उन खिलाड़ियों को लेकर कही जिन्हें अचानक टीम से बाहर किया गया। उनके अनुसार कुछ खिलाड़ियों को टीम से बाहर किए जाने की जानकारी सीधे टीम प्रबंधन से मिलने के बजाय परिवार, दोस्तों या मीडिया के माध्यम से मिली। उन्होंने इसे खिलाड़ियों के लिए बेहद अपमानजनक स्थिति बताया।
पाकिस्तान क्रिकेट में लगातार हो रहे इन बदलावों ने टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आगे टीम प्रबंधन और चयन समिति इन विवादों का किस तरह जवाब देती है और इंग्लैंड दौरे के बाकी मुकाबलों में टीम किस रणनीति के साथ मैदान पर उतरती है।

