23 May 2026, Sat

पश्चिम बंगाल में जल्द लागू होगी केंद्र सरकार की ये योजना, MSME सेक्टर को मिलेगी मजबूती

पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की PM Vishwakarma Yojana अब पश्चिम बंगाल में भी लागू की जाएगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। योजना के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के अधिकारियों के बीच अहम बैठक भी आयोजित की गई।

जानकारी के अनुसार, MSME मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के साथ बैठक कर योजना के प्रभावी संचालन पर चर्चा की। बैठक में लाभार्थियों की पहचान, कौशल विकास, संस्थागत समन्वय और पारंपरिक कारीगरों तक योजना की पहुंच बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।

राज्य सरकार ने योजना को लागू करने के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति और जिला स्तरीय कार्यान्वयन समितियों के गठन की अधिसूचना भी जारी कर दी है। इससे योजना के संचालन और निगरानी को बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा।

केंद्र सरकार ने यह योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू की थी। इसका उद्देश्य पारंपरिक शिल्प और कारीगरी से जुड़े लोगों को आधुनिक संसाधन, वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है ताकि उनकी आय और उत्पादकता में वृद्धि हो सके।

बैठक के दौरान MSME मंत्रालय और राज्य सरकार के अधिकारियों ने इस बात पर भी चर्चा की कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्य, जहां पारंपरिक हस्तशिल्प और कारीगरी की समृद्ध विरासत है, वहां यह योजना बड़े स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा दे सकती है।

डॉ. रजनीश ने कहा कि योजना के माध्यम से कारीगरों को न केवल सस्ती दरों पर ऋण सहायता मिलेगी, बल्कि आधुनिक उपकरण और बेहतर प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises के अनुसार, पश्चिम बंगाल में अब तक लगभग 7.79 लाख कारीगर इस योजना के तहत पंजीकृत हो चुके हैं। यह संख्या बताती है कि राज्य में इस योजना को लेकर काफी उत्साह है।

योजना के अंतर्गत बढ़ई, सुनार, कुम्हार, लोहार, दर्जी, मूर्तिकार, हथकरघा कारीगर और अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को लाभ दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इन पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना का सफल क्रियान्वयन राज्य के MSME सेक्टर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे ग्रामीण और पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिल सकते हैं।

फिलहाल योजना के तहत पंजीकरण और लाभ वितरण की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के पारंपरिक कारीगर आधुनिक तकनीक और वित्तीय सहायता के जरिए अपनी कला को बड़े बाजार तक पहुंचा सकें।

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