मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद SGPC ने उनके परिवार से मुलाकात की। घायल व्यक्तियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया, जबकि परिवार ने सहायता लेने से इनकार कर दिया।
मानसा: पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परमिंदर सिंह झोटा को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने सिख कौम का शहीद बताया है। उनकी गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के बाद SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत की और घटना पर दुख व्यक्त किया।
SGPC अध्यक्ष ने घोषणा की कि परमिंदर सिंह झोटा की तस्वीर सिख म्यूजियम में लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज को नशे से बचाने के लिए आवाज उठाने वाले लोगों का योगदान याद रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, झोटा की मौत से परिवार को बड़ा नुकसान हुआ है और उनकी कुर्बानी नशे के खिलाफ अभियान चला रहे लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकती है।
घायल व्यक्तियों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान
परमिंदर झोटा पर हुए हमले के दौरान घायल हुए दो व्यक्तियों से भी SGPC प्रतिनिधियों ने सरकारी अस्पताल में मुलाकात की। कमेटी की ओर से दोनों घायलों के इलाज के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये देने की घोषणा की गई। इसके अतिरिक्त अन्य खर्चों के लिए भी प्रत्येक घायल को ढाई-ढाई लाख रुपये की सहायता देने की बात कही गई।
SGPC अध्यक्ष ने परमिंदर के परिवार को आर्थिक मदद देने की पेशकश भी की। उन्होंने बच्चों के नाम दस लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाने की बात कही, ताकि भविष्य में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके। हालांकि, परिवार ने इस सहायता को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
परमिंदर के पिता ने बताया कि उनके बेटे ने पहले ही परिवार को निर्देश दिया था कि उसकी मौत के बाद किसी से भी आर्थिक सहायता नहीं ली जाए। परिवार ने अपने बेटे की इस इच्छा का सम्मान करते हुए मदद लेने से मना कर दिया।
नशे का विरोध करने पर हुई थी हत्या
जानकारी के अनुसार, परमिंदर सिंह झोटा मंगलवार को मानसा के एक व्यस्त बाजार में एक मेडिकल स्टोर के मालिक से कथित तौर पर नशे की बिक्री को लेकर सवाल कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और दुकानदार ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से झोटा की मौत हो गई। घटना के समय वह फेसबुक पर लाइव भी थे, जिसके कारण मामले से जुड़ा वीडियो सामने आया।
पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी। घटना के बाद इलाके में नशे की बिक्री और उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परमिंदर झोटा की हत्या की गहन जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी साजिश के संकेत मिलते हैं, तो उसका भी पता लगाया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर पंजाब में नशे की समस्या और इसके खिलाफ काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। अब मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे, ताकि हत्या से जुड़े सभी पहलुओं और संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।

