अमेरिका: दिग्गज टेक कंपनी ओरेकल में छंटनी के नए दौर ने एक बार फिर कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच कंपनी में करीब 12 साल तक काम करने वाले कर्मचारी सौरभ साहू की पत्नी पूजा ने सोशल मीडिया पर अपने पति की नौकरी जाने का अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि सौरभ ने लंबे समय तक कंपनी के लिए काम किया और कई निजी मौकों पर भी अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी।
होली-दिवाली और खास मौकों पर भी करते थे काम
पूजा के मुताबिक, सौरभ ने होली और दिवाली जैसे त्योहारों के साथ-साथ जन्मदिन और शादी की सालगिरह जैसे महत्वपूर्ण मौकों पर भी काम किया। उनका कहना है कि सौरभ छुट्टियों के दौरान भी काम के लिए उपलब्ध रहते थे।
पूजा ने यह भी दावा किया कि उनकी सर्जरी के समय सौरभ अस्पताल से भी अपने काम से जुड़े रहे। परिवार के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण था, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी पेशेवर जिम्मेदारियां निभाते रहे। हालांकि, इतने वर्षों तक कंपनी में काम करने के बाद हालिया छंटनी में उनकी नौकरी चली गई।
सिस्टम में लॉगिन नहीं हुआ तो पता चला नौकरी गई
पूजा के अनुसार, सौरभ को नौकरी खत्म होने की जानकारी उस समय हुई जब वह अपने सिस्टम में लॉगिन नहीं कर पाए। इसके बाद उन्हें पता चला कि वह कंपनी की छंटनी से प्रभावित हुए हैं।
छंटनी के बाद सोशल मीडिया पर कई कर्मचारियों और उनके परिवारों की पोस्ट सामने आई हैं। इनमें कुछ लोगों ने अचानक नौकरी जाने की जानकारी साझा की है, जबकि कई प्रभावित कर्मचारियों ने नई नौकरी तलाशने में मदद मांगी है। कुछ पोस्ट में लंबे करियर के बाद अचानक रोजगार खत्म होने से पैदा हुई आर्थिक और व्यक्तिगत अनिश्चितता का जिक्र भी किया गया है। हालांकि, इन व्यक्तिगत दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
14 सितंबर से शुरू हुआ छंटनी का नया दौर
ओरेकल ने 14 सितंबर से छंटनी का नया दौर शुरू किया है। इस चरण में कुल कितने कर्मचारी प्रभावित हुए हैं, इसकी आधिकारिक संख्या फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, विभिन्न रिपोर्टों में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या हजारों में होने का अनुमान लगाया गया है।
कंपनी में यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। छंटनी को कंपनी के व्यापक पुनर्गठन से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी संख्या में छंटनी
रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपने वैश्विक कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती की थी। कंपनी ने अपने पुनर्गठन कार्यक्रम से जुड़ी अनुमानित लागत में भी बढ़ोतरी की है। इसमें कर्मचारियों की संख्या कम करने और कुछ कॉन्ट्रैक्ट समाप्त करने से संबंधित खर्च शामिल हैं।
ताजा छंटनी का भारत में काम करने वाले कर्मचारियों पर कितना असर पड़ेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। कुछ रिपोर्टों में भारत में भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, प्रभावित कर्मचारियों की आधिकारिक संख्या सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

