28 Aug 2026, Fri

नेपाल में टनल रेस्क्यू टीम भेजेगा भारत, अब तक हमारे कितने नागरिक बचाए गए? सामने आ गई जानकारी

नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश से पैदा हुई गंभीर स्थिति के बीच राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। पड़ोसी देश की मदद के लिए भारत की ओर से भी लगातार सहायता पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में अब नेपाल के अनुरोध पर एक विशेष टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी की जा रही है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पहले एक रेकी टीम भेजी जाएगी, जो मौके की स्थिति का आकलन करने के साथ जरूरी उपकरणों की जरूरत का जायजा लेगी।

इसके बाद आवश्यक संसाधनों के साथ टनल रेस्क्यू टीम को भेजा जाएगा। इसके अलावा प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल टीम भेजने की भी तैयारी है। भारत ने नेपाल को बेली ब्रिज और उससे जुड़ी तकनीकी टीम उपलब्ध कराने की पेशकश भी की है। इसका उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में टूटे संपर्क मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करना है।

राहत सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं भारतीय विमान

नेपाल में जारी आपदा के बीच भारत की ओर से राहत सामग्री भी भेजी जा रही है। अब तक राहत सामग्री लेकर दो विमान रवाना किए जा चुके हैं, जबकि तीसरी खेप भी भेजे जाने की तैयारी है। इन सामग्रियों का इस्तेमाल प्रभावित लोगों तक जरूरी वस्तुएं पहुंचाने और राहत अभियान को गति देने में किया जाएगा।

भारत ने यह भी संकेत दिया है कि नेपाल को आवश्यकता के अनुसार आगे भी मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बचाव कार्यों में तकनीकी विशेषज्ञता और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

NDRF की टीम भेजने का भी प्रस्ताव

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए भारत ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें और उनके उपकरण भेजने की पेशकश की है। इन टीमों के जरिए मुश्किल इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, इस सहायता को लेकर नेपाल की ओर से आवश्यक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर वह नेपाल को अतिरिक्त सहायता देने के लिए तैयार है।

फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर फोकस

आपदा के बीच नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया भी जारी है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक अब सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में फंसे 63 भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है।

वहीं, करीब 93 भारतीय नागरिकों के चीन की सीमा की ओर फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया है कि उन्होंने सुरक्षित रूप से सीमा पार कर नेपाल की ओर वापसी कर ली है और अब सड़क मार्ग से आगे बढ़ रहे हैं।

करीब 100 भारतीय मूल के लोगों से संपर्क नहीं

आपदा के बीच भारतीय मूल के करीब 100 ऐसे लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है, जिनके पास किसी अन्य देश की नागरिकता है। उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

इसके अलावा चीन की तरफ फंसे करीब 400 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की जानकारी भी सामने आई है। इन लोगों से संपर्क स्थापित किया जा चुका है और उनके परिवारों को भी उनकी स्थिति के बारे में जानकारी मिल रही है।

नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। भारत की ओर से राहत सामग्री, मेडिकल सहायता, तकनीकी विशेषज्ञता और विशेष बचाव दल उपलब्ध कराने की तैयारियां इस बात का संकेत हैं कि दोनों देशों के बीच आपदा के समय सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।

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