भारतीय टेलीविजन के इतिहास में कई ऐसे शो रहे हैं जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी, लेकिन कुछ धारावाहिक ऐसे भी रहे जिनकी कहानी सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं रही। 90 के दशक का ऐतिहासिक शो The Sword of Tipu Sultan उन्हीं में से एक है। यह धारावाहिक अपनी भव्यता, दमदार कहानी और शानदार अभिनय के लिए आज भी याद किया जाता है, लेकिन इसके साथ जुड़ा एक दर्दनाक हादसा भारतीय मनोरंजन जगत के सबसे भयावह घटनाक्रमों में गिना जाता है।
इस शो का निर्माण और निर्देशन मशहूर अभिनेता-निर्देशक Sanjay Khan ने किया था। उन्होंने ही धारावाहिक में टीपू सुल्तान की भूमिका भी निभाई थी। शो में Deepika Chikhalia, अनंत महादेवन और शहबाज खान जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आए थे। दूरदर्शन पर प्रसारित इस सीरियल ने दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। लेकिन इसकी शूटिंग के दौरान हुई एक दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
8 फरवरी 1989 को मैसूर के पास स्थित प्रेम स्टूडियो में शो की शूटिंग चल रही थी। उस दिन सेट पर भारी संख्या में कलाकार और क्रू मेंबर्स मौजूद थे। बताया जाता है कि शूटिंग के दौरान सेट पर अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा सेट धुएं और लपटों से घिर गया। स्टूडियो में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे और बाहर निकलने के रास्ते भी सीमित थे, जिसके कारण लोग अंदर ही फंस गए।
इस दर्दनाक हादसे में करीब 60 लोगों की मौत हो गई थी। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यह घटना उस दौर की सबसे बड़ी स्टूडियो त्रासदियों में से एक मानी जाती है। हादसे के दौरान संजय खान भी आग की चपेट में आ गए थे। उन्हें गंभीर जलन हुई और उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेता को बचाने के लिए करीब 72 सर्जरी करनी पड़ी थीं। लंबे समय तक अस्पताल में इलाज चलने के बाद उन्होंने जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई जीती।
संजय खान ने बाद में कई इंटरव्यू में बताया था कि वह हादसा उनके जीवन का सबसे भयावह अनुभव था। उन्होंने कहा था कि कई महीनों तक वह दर्द और मानसिक आघात से जूझते रहे। हालांकि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और शो को पूरा किया।
‘द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान’ आखिरकार दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ और दर्शकों ने इसे खूब प्यार दिया। शो की कहानी, भव्य सेट और अभिनय ने इसे ऐतिहासिक धारावाहिकों की सूची में खास स्थान दिलाया। आज भी जब भारतीय टीवी के यादगार शोज की बात होती है तो ‘द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान’ का नाम जरूर लिया जाता है।
यह शो सिर्फ अपनी लोकप्रियता के लिए नहीं, बल्कि उस दर्दनाक हादसे और उससे जुड़े संघर्ष के लिए भी हमेशा याद किया जाएगा। मनोरंजन जगत के इतिहास में यह घटना एक ऐसी सीख बन गई, जिसने सेट पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को गंभीरता से महसूस कराया।

