5 May 2026, Tue

दूध के पैकेटों पर बने नीले, हरे और नारंगी रंगों का क्या मतलब होता है? कौन सा Milk है बेस्ट?

दूध के पैकेट के रंगों का मतलब क्या है? जानिए नीला, हरा और नारंगी पैकेट किस बात का संकेत देते हैं

नई दिल्ली: बाजार में दूध खरीदते समय आपने अलग-अलग रंगों के पैकेट जरूर देखे होंगे। कोई नीले रंग का होता है, तो कोई हरे या नारंगी रंग का। आमतौर पर लोग इसे सिर्फ पैकेजिंग डिजाइन समझ लेते हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग है। दूध के पैकेट पर मौजूद ये रंग दरअसल उस दूध की फैट मात्रा और प्रकार को दर्शाते हैं। भारत में यह व्यवस्था FSSAI के मानकों के अनुसार तय की गई है, ताकि उपभोक्ता आसानी से अपनी जरूरत के अनुसार दूध का चयन कर सकें।

नीले पैकेट का मतलब: टोन्ड मिल्क

अगर आप नीले रंग का दूध का पैकेट देखते हैं, तो इसका मतलब है कि उसमें ‘टोन्ड मिल्क’ होता है। इस दूध में फुल क्रीम दूध में स्किम्ड मिल्क पाउडर और पानी मिलाकर फैट की मात्रा को कम किया जाता है। आमतौर पर इसमें करीब 3.0% फैट और 8.5% SNF (सॉलिड नॉट फैट) होता है। यह दूध उन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है, जो कम फैट वाला दूध पीना चाहते हैं या डाइट पर हैं।

हरा पैकेट: स्टैंडर्डाइज्ड मिल्क

हरे रंग का पैकेट ‘स्टैंडर्डाइज्ड मिल्क’ को दर्शाता है। इसमें फैट की मात्रा को एक निश्चित स्तर पर संतुलित किया जाता है। आमतौर पर इसमें करीब 4.5% फैट और 8.5% SNF होता है। यह दूध स्वाद और पोषण के बीच एक संतुलन प्रदान करता है और आम परिवारों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

नारंगी या लाल पैकेट: फुल क्रीम मिल्क

नारंगी या लाल रंग के पैकेट में मिलने वाला दूध ‘फुल क्रीम मिल्क’ होता है। इसमें से मलाई या फैट नहीं निकाला जाता, इसलिए यह ज्यादा गाढ़ा और पोषक होता है। इसमें करीब 6.0% फैट और 9.0% SNF होता है। यह दूध बच्चों, बुजुर्गों और ज्यादा ऊर्जा की जरूरत वाले लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है।

क्या रंग से दूध की क्वालिटी पता चलती है?

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या पैकेट का रंग दूध की क्वालिटी यानी शुद्धता को दर्शाता है। इसका जवाब है—नहीं। पैकेट का रंग केवल दूध में मौजूद फैट की मात्रा और उसके प्रकार की जानकारी देता है, न कि उसकी गुणवत्ता की। सभी प्रकार के दूध को निर्धारित मानकों के अनुसार प्रोसेस किया जाता है।

उपभोक्ताओं के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी

दूध के पैकेट के रंगों का मतलब जानना उपभोक्ताओं के लिए बेहद जरूरी है। इससे वे अपनी सेहत और जरूरत के हिसाब से सही विकल्प चुन सकते हैं। जैसे वजन कम करने वालों के लिए टोन्ड मिल्क बेहतर है, जबकि बच्चों के लिए फुल क्रीम दूध अधिक लाभदायक होता है।

निष्कर्ष

दूध के पैकेट पर बने रंग सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होते, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण जानकारी का संकेत हैं। अगली बार जब आप दूध खरीदने जाएं, तो पैकेट के रंग को समझकर ही अपना चुनाव करें। इससे आप अपनी सेहत के लिए सही और बेहतर विकल्प चुन पाएंगे।

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