10 Oct 2026, Sat

‘जब पापा कॉलेज की फीस देते थे..’ कॉलेज लाइफ के दिनों को बेस्ट बताते हुए शख्स ने जो कहा, तुरंत हुआ वायरल

नई दिल्ली: जिंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं, जिनकी अहमियत हमें समय बीतने के बाद समझ आती है। कॉलेज के दिन, दोस्तों के साथ बिताया समय, हॉस्टल की मस्ती और माता-पिता का सहारा अक्सर ऐसी यादें बन जाते हैं, जिन्हें इंसान उम्र बढ़ने के बाद भी याद करता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक शख्स की ऐसी ही भावुक पोस्ट चर्चा में है, जिसमें उसने अपने कॉलेज के दिनों को जिंदगी का सबसे खूबसूरत दौर बताया है।

इस शख्स का कहना है कि जब उसके पिता कॉलेज की फीस भरते थे और घर से उसकी जरूरतों का ध्यान रखते थे, तब जिंदगी में एक अलग ही सुकून था। आज उम्र 39 साल हो चुकी है, लेकिन उसे लगता है कि वह खुशी और बेफिक्री दोबारा हासिल करना आसान नहीं है।

पिता का सहारा और कॉलेज की यादें बनीं खास

एक्स पर सुंदरदीप नाम के यूजर ने 2 अक्टूबर 2026 को अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि कॉलेज का समय उसके जीवन के सबसे अच्छे दिनों में शामिल था। उस दौर में संगीत सुनना, पसंदीदा प्लेलिस्ट का आनंद लेना और हॉस्टल में दोस्तों के बीच समय बिताना ही बड़ी खुशियां थीं।

उसने अपने कॉलेज के दिनों से जुड़ी कई छोटी-छोटी बातें भी याद कीं। पोस्ट में उसने बताया कि केवल 63 प्रतिशत अंक होने के बावजूद उसका कॉलेज में दाखिला हो गया था। इसके अलावा, अपने भाई के साथ डीवीडी प्लेयर पर भगवंत मान और भोट्टू शाह की कॉमेडी देखने की यादें भी उसके लिए बेहद खास हैं।

आज पीछे मुड़कर देखने पर उसे एहसास होता है कि उस समय की साधारण लगने वाली गतिविधियां ही जिंदगी की सबसे अनमोल यादों में बदल गई हैं।

20 साल के बाद बदल गई जिंदगी

पोस्ट का सबसे भावुक हिस्सा वह है, जिसमें शख्स ने उम्र बढ़ने और जिम्मेदारियों के बीच आए बदलावों का जिक्र किया। उसके मुताबिक, 20 साल की उम्र के बाद समय इतनी तेजी से बीता कि उसे पता ही नहीं चला कि कब वह 39 साल का हो गया।

उसने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि जिंदगी में पैसा होने के बावजूद वह सुकून नहीं मिल सकता, जो पिता के सहारे और उनकी देखभाल में मिलता था। जब माता-पिता जरूरतों का ध्यान रखते हैं, तो इंसान को भविष्य की कई चिंताओं से राहत मिलती है। लेकिन बड़े होने के साथ जिम्मेदारियां बढ़ती जाती हैं और जिंदगी पहले जैसी बेफिक्र नहीं रहती।

सोशल मीडिया पर लोगों ने भी साझा कीं यादें

इस पोस्ट के सामने आने के बाद कई यूजर्स ने अपने अनुभवों और यादों को इससे जोड़कर देखा। कुछ लोगों ने माना कि माता-पिता के पैसों पर बिताया गया कॉलेज का समय अलग तरह की आजादी और खुशी देता है। उस दौरान इंसान के पास शायद ज्यादा पैसा नहीं होता, लेकिन जिम्मेदारियां कम होने के कारण छोटी-छोटी चीजों में भी खुशी मिल जाती है।

वहीं, कुछ यूजर्स ने 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों को याद करते हुए कहा कि उस दौर की दोस्ती, मनोरंजन और रोजमर्रा की जिंदगी का अपना अलग ही आकर्षण था।

आखिर क्यों याद आते हैं कॉलेज के दिन?

कॉलेज का जीवन केवल पढ़ाई और डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होता। यह दोस्ती, परिवार के साथ रिश्तों, आजादी और खुद को समझने का भी समय होता है। उस उम्र में भविष्य को लेकर सपने बड़े होते हैं, लेकिन जिम्मेदारियों का बोझ अपेक्षाकृत कम रहता है।

यही वजह है कि कई लोग सफलता और आर्थिक स्थिरता हासिल करने के बाद भी अपने पुराने दिनों को याद करते हैं। सुंदरदीप की पोस्ट भी इसी एहसास को सामने लाती है कि जिंदगी की असली खुशी हमेशा बड़ी उपलब्धियों या पैसों में नहीं होती। कई बार पिता का सहारा, भाई के साथ बिताया समय और दोस्तों के साथ हंसी-मजाक के कुछ पल ही सबसे बड़ी दौलत बन जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *