30 Sep 2026, Wed

‘चीन और भारत के रिश्ते कुछ साल पहले की तुलना में बेहतर हैं’, अमेरिका में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में सीमा विवाद को लेकर तनाव रहा है। हालांकि, अब दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान भारत-चीन संबंधों को लेकर कहा कि आज दोनों देशों के रिश्ते 2025 और 2024 की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने इस सुधार को सीमा पर तनाव कम होने और सामान्य संपर्क बहाल होने से जोड़कर देखा।

2025 के मुकाबले रिश्ते बेहतर हुए

न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत-चीन संबंधों पर सवाल पूछे जाने पर एस जयशंकर ने कहा कि अगर 2025 की स्थिति से आज की तुलना की जाए तो संबंध बेहतर हैं और 2024 की तुलना में यह सुधार और अधिक दिखाई देता है। हालांकि, उन्होंने इसे किसी बड़े संरचनात्मक बदलाव के तौर पर पेश नहीं किया।

जयशंकर के मुताबिक, संबंधों में सुधार की एक बड़ी वजह यह है कि कुछ साल पहले दोनों देशों के बीच स्थिति काफी खराब हो गई थी। ऐसे में सीमा पर स्थिरता आने के बाद द्विपक्षीय संबंधों में भी धीरे-धीरे सुधार शुरू हुआ।

2020 के बाद बिगड़े थे संबंध

विदेश मंत्री ने भारत-चीन संबंधों पर 2020 के सीमा गतिरोध के प्रभाव का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, उस समय पैदा हुए लंबे गतिरोध का दोनों देशों के रिश्तों पर वास्तविक असर पड़ा था। सीमा पर तनाव के कारण दोनों देशों के बीच सामान्य संपर्क भी प्रभावित हुआ।

उन्होंने बताया कि व्यापार जारी रहा, लेकिन आधिकारिक आदान-प्रदान, वीजा जारी करने और दोनों देशों के बीच उड़ानों जैसी गतिविधियों पर असर पड़ा। सीमा पर स्थिति सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ने के बाद इन संबंधों में भी सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई।

सीमा की स्थिति से तय होंगे रिश्ते

जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और चीन के संबंधों में सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए सीमा पर स्थिरता महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि सीमा पर तनाव और द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति एक साथ नहीं चल सकती। जैसे-जैसे सीमा पर हालात सामान्य होते हैं, वैसे-वैसे दोनों देशों के संबंधों में भी सामान्य स्थिति लौटने की संभावना बढ़ती है।

उनके अनुसार, लंबे समय तक सीमा पर बना गतिरोध दोनों देशों के हित में नहीं था। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि दोनों देशों के बीच किसी समस्या को लंबे समय तक बनाए रखने से किसी भी पक्ष को लाभ नहीं मिलता।

हाल के घटनाक्रम से बढ़ी बातचीत

हाल के महीनों में भारत और चीन के बीच उच्चस्तरीय संपर्क भी देखने को मिला है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी के बाद दोनों देशों के बीच संवाद को लेकर भी ध्यान बढ़ा है। ऐसे घटनाक्रमों के बीच जयशंकर का बयान भारत-चीन संबंधों में आए बदलाव की वर्तमान स्थिति को सामने रखता है।

हालांकि, भारत-चीन संबंधों में सुधार की प्रक्रिया अभी सीमा पर स्थिरता और आगे होने वाले आधिकारिक संपर्कों से भी जुड़ी रहेगी। दोनों देशों के बीच कई मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन विदेश मंत्री के ताजा बयान के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों की तुलना में मौजूदा स्थिति में सुधार हुआ है।

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