चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर चालुज मोड़ के पास एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
पुलिस के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त बस बैरागढ़ से चंबा की ओर जा रही थी। बस में लगभग 15 से 20 यात्री सवार थे। हादसे में चार पुरुष और तीन महिलाओं की मौत हुई है। मृतकों में बस के चालक और परिचालक भी शामिल हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल तीसा भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
चालुज मोड़ के पास हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज गति से चल रही थी। चालुज मोड़ के पास पहुंचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कई यात्री उसमें फंस गए।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को बस से बाहर निकालने में मदद की। स्थानीय लोगों की तत्परता से कई यात्रियों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया और सड़क पर यातायात को नियंत्रित किया गया। तीसा थाना के अतिरिक्त थाना प्रभारी (एडिशनल एसएचओ) अनुभव शर्मा ने सात लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
अस्पताल सूत्रों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जा सकता है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।
पहाड़ी सड़कों पर लगातार बढ़ रहे हादसे
चंबा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। तीसा-बैरागढ़ मार्ग संकरा और घुमावदार होने के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मोड़ों पर सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत है।
इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया है और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य के साथ-साथ दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है।

