आजकल बढ़ते वजन की समस्या कई लोगों को परेशान कर रही है। वजन बढ़ने का असर केवल शरीर की बनावट पर ही नहीं, बल्कि जोड़ों की सेहत पर भी पड़ सकता है। खासकर घुटनों को शरीर का भार संभालने के साथ चलने, उठने-बैठने और सीढ़ियां चढ़ने जैसी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी पड़ती है। ऐसे में शरीर का वजन अधिक होने पर घुटनों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वजन को संतुलित रखना घुटनों की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। सही खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय पर चिकित्सकीय सलाह की मदद से घुटनों पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम करने में सहायता मिल सकती है।
बढ़ते वजन का घुटनों पर क्या पड़ता है असर?
घुटने शरीर के सबसे महत्वपूर्ण जोड़ों में से एक हैं। जब व्यक्ति चलता है, दौड़ता है या सीढ़ियां चढ़ता-उतरता है, तब घुटनों पर शरीर के वजन के कारण दबाव पड़ता है। अधिक वजन होने पर यह दबाव और बढ़ सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने से घुटनों में दर्द और असहजता महसूस हो सकती है।
इसके अलावा, कुछ लोगों को सुबह उठने के बाद या लंबे समय तक बैठने के बाद घुटनों में अकड़न महसूस होती है। यदि जोड़ों में पहले से ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या है, तो अधिक वजन लक्षणों को और गंभीर बना सकता है। हालांकि, घुटनों में दर्द के पीछे उम्र, पुरानी चोट, आनुवंशिक कारण और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं।
क्या वजन कम करने से आर्थराइटिस में मिल सकती है राहत?
जिन लोगों का वजन अधिक है और वे घुटनों के दर्द या ऑस्टियोआर्थराइटिस से परेशान हैं, उनके लिए वजन कम करना मददगार साबित हो सकता है। शरीर का वजन कम होने से घुटनों पर पड़ने वाला यांत्रिक दबाव घट सकता है। इससे दर्द कम करने और चलने-फिरने की क्षमता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
कुछ लोगों के लिए शुरुआती वजन का लगभग 5 से 10 प्रतिशत कम करना भी लाभकारी हो सकता है। हालांकि, कितना वजन कम करना उचित रहेगा, यह व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और मौजूदा स्थिति पर निर्भर करता है। वजन कम करने से आर्थराइटिस पूरी तरह ठीक हो जाएगा या हर व्यक्ति में इसका खतरा समाप्त हो जाएगा, ऐसा जरूरी नहीं है।
घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
1. संतुलित आहार लें: खाने में हरी सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। अत्यधिक कैलोरी और पोषण की कमी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें।
2. नियमित व्यायाम करें: पैदल चलना, तैराकी या हल्की साइकिलिंग जैसी कम प्रभाव वाली गतिविधियां उपयोगी हो सकती हैं। यदि घुटनों में दर्द है, तो व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें।
3. लंबे समय तक बैठे रहने से बचें: बीच-बीच में उठकर हल्की गतिविधि करें। अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार रोजमर्रा की गतिविधियों को बनाए रखें।
4. वजन धीरे-धीरे कम करें: बहुत कम खाना या अचानक वजन घटाने के तरीके अपनाने के बजाय संतुलित आहार और नियमित गतिविधि पर ध्यान दें।
घुटनों के दर्द को नजरअंदाज न करें
अगर घुटनों में लगातार दर्द, सूजन, अकड़न या चलने में परेशानी हो रही है, तो इसे केवल बढ़ते वजन का असर समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच कराने से दर्द के वास्तविक कारण का पता लगाने और उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है। घुटनों की बेहतर सेहत के लिए वजन नियंत्रित रखना, नियमित गतिविधि करना और विशेषज्ञ की सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण है।

