पंजाब में बिजली और सिंचाई क्षेत्र में बड़ा बदलाव: भगवंत मान का दावा, 90% घरों को मिल रही मुफ्त बिजली
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के बिजली और सिंचाई क्षेत्र में हुए सुधारों को लेकर बड़ा दावा किया है। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार के कार्यकाल में बिजली क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जो विभाग पहले घाटे में चल रहा था, वह अब 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली देने के बावजूद मुनाफा कमा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 600 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना लागू कर दी है, जिससे अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं को अब शून्य बिजली बिल मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की परंपरा को बदलते हुए उनकी सरकार ने 540 मेगावाट क्षमता वाले गोइंदवाल थर्मल पावर प्लांट को खरीदा, जिससे राज्य में बिजली उपलब्धता में सुधार हुआ है।
भगवंत मान ने यह भी कहा कि व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कमी की गई है। किसानों को लगातार और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा, बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए नए सबस्टेशन और ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि बिजली क्षेत्र में 9593 युवाओं को रोजगार दिया गया है, जबकि 1750 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब बिजली विभाग PSPCL को ए+ रेटिंग मिली है और राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, जो राज्य की प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि राज्य अब 24 घंटे बिजली आपूर्ति और सस्ती दरों के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सिंचाई के क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले राज्य में केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग सिंचाई के लिए होता था, जो अब बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले धान सीजन तक इसे 90 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि भाखड़ा नहर की क्षमता 9500 क्यूसेक है, लेकिन अब किसानों को 11,000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पानी के हर बूंद का सही उपयोग सुनिश्चित कर रही है, जिससे न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा बल्कि बिजली और सिंचाई व्यवस्था भी बेहतर होगी। किसानों को धान के मौसम में आठ घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति दी जा रही है और 95 प्रतिशत बिजली दिन के समय उपलब्ध कराई जा रही है।
रोजगार के अवसरों पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि अप्रैल 2022 से अब तक PSPCL और PSTCL में हजारों युवाओं को नौकरी दी गई है। आने वाले समय में भी भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी, जिससे युवाओं को रोजगार के और अवसर मिलेंगे।
बिजली उत्पादन और उपलब्धता के आंकड़े साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून 2025 को पंजाब ने 16,670 मेगावाट की अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निजी थर्मल प्लांट को 1080 करोड़ रुपये में खरीदकर एक बड़ा और लाभकारी निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि पच्छवाड़ा कोयला खदान से आपूर्ति शुरू होने के बाद राज्य को भारी आर्थिक बचत हुई है। इसके अलावा, राज्य में थर्मल प्लांट्स के लिए पर्याप्त कोयला स्टॉक मौजूद है, जिससे बिजली उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सौर ऊर्जा पर भी जोर दिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 2720 मेगावाट सौर ऊर्जा बेहद कम दरों पर जोड़ी गई है, जबकि कई नई परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं। आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी का उपयोग 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में एक नई पहल की घोषणा की, जिसके तहत हाई-टेंशन तारों को भूमिगत करने की योजना बनाई जा रही है। इससे किसानों की फसलों और जीवन को सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता के हितों के लिए लगातार काम करती रहेगी।

