नई दिल्ली: चॉकलेट का नाम आते ही अक्सर लोग इसे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक मान लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च कोको वाली डार्क चॉकलेट सीमित मात्रा में खाई जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वात्स्य के अनुसार, 70 प्रतिशत या उससे अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट में ऐसे पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो मस्तिष्क, हृदय और समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकते हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि डार्क चॉकलेट कोई जादुई दवा नहीं है और इसे संतुलित आहार व स्वस्थ जीवनशैली के साथ ही लेना चाहिए।
डार्क चॉकलेट में क्या होता है?
डॉ. वात्स्य के अनुसार, डार्क चॉकलेट में फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और अन्य खनिज पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभाते हैं, जिससे उम्र बढ़ने की कुछ प्रक्रियाओं और कोशिकीय क्षति के जोखिम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
ब्रेन हेल्थ के लिए कैसे हो सकती है फायदेमंद?
कुछ शोधों के अनुसार, डार्क चॉकलेट में मौजूद जैव सक्रिय यौगिक मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। डॉ. वात्स्य ने बताया कि कुछ अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि डार्क चॉकलेट सेरोटोनिन और एंडोर्फिन जैसे मूड से जुड़े रसायनों के स्तर को प्रभावित कर सकती है।
इसके साथ ही यह तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकती है। इससे कुछ लोगों में तनाव कम महसूस हो सकता है, मूड बेहतर हो सकता है और मानसिक एकाग्रता में सुधार आ सकता है।
हालांकि, इन प्रभावों की तीव्रता व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करती है और इस विषय पर अभी भी अधिक शोध की आवश्यकता है।
ब्लड प्रेशर पर पड़ सकता है सकारात्मक असर
डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लेवोनोइड्स रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) को रिलैक्स करने और उनके फैलाव में मदद कर सकते हैं। इससे कुछ लोगों में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) को नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है।
रक्तचाप नियंत्रित रहने से हृदय पर अतिरिक्त दबाव कम पड़ता है, जिससे हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है। हालांकि, जिन लोगों को हाई बीपी है, उन्हें डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का सेवन जारी रखना चाहिए और केवल डार्क चॉकलेट के भरोसे उपचार नहीं करना चाहिए।
नींद और तनाव में भी मिल सकती है मदद
डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है। मैग्नीशियम तनाव प्रबंधन और मांसपेशियों के सामान्य कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ लोगों में पर्याप्त मैग्नीशियम नींद की गुणवत्ता सुधारने और तनाव कम करने में सहायक हो सकता है।
डॉ. वात्स्य के अनुसार, यह महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाली कुछ असुविधाओं, जैसे हल्के ऐंठन (क्रैम्प्स), में भी सीमित रूप से मदद कर सकती है।
कितनी मात्रा में खानी चाहिए?
विशेषज्ञों की सलाह है कि 70 प्रतिशत या उससे अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट चुनें और इसे सीमित मात्रा में खाएं। आमतौर पर 20–30 ग्राम प्रतिदिन पर्याप्त माना जाता है, लेकिन यह व्यक्ति की कुल कैलोरी आवश्यकता और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
डायबिटीज, मोटापा या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों को नियमित रूप से डार्क चॉकलेट खाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए।
डार्क चॉकलेट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व ब्रेन हेल्थ, मूड, ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य के लिए संभावित लाभ प्रदान कर सकते हैं, लेकिन इसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद के साथ ही शामिल करना सबसे बेहतर तरीका है।

