3 Oct 2026, Sat

गुरुग्राम में चल रही ‘ऑटोमेटिक झाड़ू!’ क्लीनर्स के हाथ में मशीन देख चौंक गए यूजर्स, Video पर आए ऐसे कमेंट्स

गुरुग्राम में सड़कों और बाजारों की सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नई मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया गया है। इसी बीच सफाईकर्मियों द्वारा एक कॉम्पैक्ट मशीन से सड़क किनारे कचरा साफ करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जहां कुछ लोग इसे सफाई व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कई यूजर्स ने मशीन को ‘ऑटोमेटिक’ बताए जाने पर सवाल खड़े किए हैं।

सफाईकर्मी के हाथ में दिखा बड़ा सक्शन पाइप

वायरल वीडियो में एक सफेद रंग की छोटी मशीन दिखाई दे रही है, जिस पर नगर निगम का लोगो लगा हुआ है। मशीन का आकार छोटा होने के कारण यह स्कूटर या छोटी गाड़ी जैसी नजर आती है। इसके साथ एक सफाईकर्मी सड़क किनारे सफाई करते दिखाई देता है।

सफाईकर्मी के हाथ में एक बड़ा सक्शन पाइप है, जिसकी मदद से वह सड़क पर पड़े प्लास्टिक के रैपर, कागज और छोटे-मोटे कचरे को मशीन के अंदर खींच रहा है। मशीन सक्शन की प्रक्रिया के जरिए कचरे को अपने भीतर जमा करती दिखाई देती है।

वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों का ध्यान मशीन के काम करने के तरीके से ज्यादा इसके ‘ऑटोमेटिक’ नाम पर चला गया। कई यूजर्स ने सवाल किया कि जब मशीन को चलाने और कचरा खींचने के लिए सफाईकर्मी की जरूरत पड़ रही है, तो इसे पूरी तरह स्वचालित कैसे कहा जा सकता है।

बाजारों और व्यस्त इलाकों में इस्तेमाल

जानकारी के मुताबिक, इस तरह की मशीनों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसी करीब पांच मशीनें सफाई व्यवस्था में लगाई गई हैं।

इन मशीनों का इस्तेमाल खास तौर पर हल्के कचरे की सफाई के लिए किया जाना है। इनमें कागज, प्लास्टिक के छोटे टुकड़े और सड़क पर पड़े रैपर जैसे कचरे को शामिल किया गया है। छोटी और कॉम्पैक्ट होने की वजह से इन्हें उन स्थानों पर इस्तेमाल करने की योजना है, जहां बड़ी सफाई मशीनों को पहुंचाने में परेशानी होती है।

फुटपाथ के किनारे, बाजार की संकरी जगहों और छोटी गलियों में भी इस मशीन के जरिए सफाई करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

सोशल मीडिया पर ‘ऑटोमेटिक’ शब्द बना चर्चा का विषय

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने मशीन के डिजाइन और तकनीक की सराहना की, जबकि कई यूजर्स ने इसे ‘ऑटोमेटिक’ कहे जाने पर व्यंग्य किया।

एक यूजर ने सवाल उठाया कि अगर सफाईकर्मी को मशीन चलाने के साथ-साथ पाइप पकड़कर खुद कचरा खींचना पड़ रहा है, तो इसमें ऑटोमेशन कितना है। वहीं, कुछ लोगों ने इसे सामान्य वैक्यूम क्लीनर जैसा बताया।

हालांकि, मशीन का उद्देश्य छोटे और हल्के कचरे को तेजी से इकट्ठा करने में सफाईकर्मियों की मदद करना बताया जा रहा है। ऐसे में इसकी वास्तविक उपयोगिता और सफाई व्यवस्था पर प्रभाव का आकलन इसके इस्तेमाल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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