मध्य प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 106 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ बरामद करते हुए एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में इस पूरे नेटवर्क के तार पड़ोसी राज्य से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक वाहन के जरिए भारी मात्रा में मादक पदार्थ की खेप राज्य में पहुंचाई जा रही है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई। इसके बाद पुलिस ने रणनीति बनाते हुए एक वन क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग पर नाकाबंदी की।
नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन लेकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए वाहन को घेर लिया और चालक को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान वाहन में रखे कई बोरों से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए मादक पदार्थ का कुल वजन 106 किलोग्राम से अधिक है। अंतरराष्ट्रीय और अवैध बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि बरामद खेप दूसरे राज्य से मध्य प्रदेश लाई जा रही थी, जिससे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की आशंका और मजबूत हो गई है।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे राज्य के किन इलाकों में पहुंचाया जाना था। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई अन्य तस्कर और सप्लायर भी शामिल हो सकते हैं।
मामले में संबंधित कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन, वाहन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हाल के महीनों में कई बड़ी कार्रवाइयां की गई हैं। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में नशे के प्रसार को रोकने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित हो रहे नशा तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहद जरूरी है। फिलहाल, पुलिस इस मामले को संगठित अपराध से जोड़कर भी जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

