7 Jun 2026, Sun

गाजियाबाद में अवैध रूप से चल रहा मदरसा हुआ सील, बच्चों की जान से हो रहा था खिलवाड़

 

गाजियाबाद में प्रशासन ने एक अवैध रूप से संचालित मदरसे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है। यह मदरसा बिना किसी मान्यता, पंजीकरण और जरूरी सुरक्षा मानकों के चलाया जा रहा था। जांच के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खामियां सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।

प्रशासन के अनुसार, मदरसे में न तो फायर सेफ्टी विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) थी और न ही बिजली सुरक्षा से जुड़ी जरूरी अनुमति मौजूद थी। इसके अलावा परिसर में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव पाया गया, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ था।

इंदिरापुरम क्षेत्र में चल रहा था अवैध मदरसा

यह कार्रवाई गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी कॉलोनी में स्थित “मदरसा जामिया खुल्फा ए राशीदीन” पर की गई है। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर इसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह मदरसा न तो किसी सरकारी रजिस्टर में दर्ज था और न ही इसके पास मदरसा सोसाइटी का कोई वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र था।

जांच में सामने आई गंभीर खामियां

संयुक्त जांच टीम, जिसमें वक्फ निरीक्षक, नगर निगम के अपर आयुक्त और नायब तहसीलदार शामिल थे, ने मौके पर कई गंभीर अनियमितताएं पाई।

जांच में पाया गया कि—

  • मदरसा बिना मान्यता के संचालित हो रहा था
  • फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी की NOC मौजूद नहीं थी
  • परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी
  • छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं थी
  • नियमों के विरुद्ध हॉस्टल का अवैध संचालन किया जा रहा था

इन सभी खामियों को देखते हुए इसे बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन माना गया।

प्रशासन ने दिया एक सप्ताह का समय

प्रशासन ने संबंधित प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

निष्कर्ष

इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के चल रहे किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *