गाजियाबाद में पन्नी गोदाम में भीषण आग, झुग्गियों तक पहुंचीं लपटें; लखनऊ हादसे में दो बच्चों की मौत
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में गुरुवार दोपहर एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जब इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी इलाके में स्थित पन्नी (प्लास्टिक) के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास में बनी झुग्गी बस्तियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें आसमान में उठता काला धुआं और तेज लपटें साफ देखी जा सकती हैं।
मौके पर पहुंची दमकल विभाग की कई गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं। प्रशासन के अनुसार करीब आधा दर्जन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादंड ने बताया कि आग पर नियंत्रण पा लिया गया है और अब केवल धुआं निकल रहा है। जल्द ही पूरी तरह से स्थिति सामान्य कर ली जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग पन्नी के गोदाम में लगी थी, जहां ज्वलनशील सामग्री की अधिकता के कारण आग तेजी से फैल गई। इसी परिसर में पन्नी बीनने वाले मजदूरों की झुग्गियां भी बनी हुई थीं, जो आग की चपेट में आ गईं। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने या फंसे होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
प्रशासन ने इलाके को खाली कराकर सुरक्षा घेरा बना दिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट या लापरवाही इस घटना की वजह हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
इसी बीच, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से भी एक दुखद खबर सामने आई है। विकास नगर थाना क्षेत्र में स्थित झुग्गी बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लगने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) दीक्षा शर्मा ने बताया कि देर रात चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान करीब दो साल के दोनों बच्चों के शव बरामद किए गए।
इस आग ने देखते ही देखते सैकड़ों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 200 झुग्गियां जलकर राख हो गईं, जिससे सैकड़ों लोग बेघर हो गए। प्रभावितों में ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर और घरेलू कामगार शामिल हैं, जिनकी रोजी-रोटी भी इस हादसे में खत्म हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर चिंता जताई और पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने को कहा।
दोनों घटनाओं ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर झुग्गी बस्तियों और ज्वलनशील गोदामों के पास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

