क्या दौड़ने से घुटने घिस जाते हैं और उम्र बढ़ने पर गठिया हो जाता है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। कई लोग इस डर से दौड़ना या तेज चलना छोड़ देते हैं कि कहीं भविष्य में घुटनों की समस्या न हो जाए। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। सही तकनीक, संतुलित व्यायाम और शरीर की क्षमता के अनुसार दौड़ना आमतौर पर स्वस्थ घुटनों के लिए नुकसानदायक नहीं होता।
अपोलो हॉस्पिटल्स के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार के अनुसार हमारे जोड़ चलने-फिरने और शारीरिक गतिविधियों के लिए बने हैं। घुटनों और कूल्हों का सही तरीके से उपयोग करना जरूरी है। नियमित एक्सरसाइज, मांसपेशियों को मजबूत बनाना, वजन नियंत्रित रखना और चोट से बचाव करना लंबे समय तक घुटनों को स्वस्थ रखने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
क्या दौड़ने से गठिया होता है?
डॉ. सुधीर कुमार का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में दौड़ना घुटनों को खराब नहीं करता। कई अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित रूप से दौड़ने वाले लोगों में घुटनों या कूल्हों के गठिया का खतरा उन लोगों की तुलना में अधिक नहीं होता जो बिल्कुल व्यायाम नहीं करते।
हालांकि कुछ परिस्थितियों में जोखिम बढ़ सकता है। इनमें बहुत अधिक दूरी तक दौड़ना, अत्यधिक तेज गति से लगातार दौड़ना, घुटने में पुरानी या गंभीर चोट, गलत तकनीक और पहले से मौजूद जोड़ों की बीमारी शामिल हैं। इसलिए शुरुआत हमेशा धीरे-धीरे करनी चाहिए और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
घुटनों को मजबूत बनाने के लिए क्या करें?
नियमित रूप से एक्टिव रहें
घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना किसी न किसी प्रकार की शारीरिक गतिविधि करना जरूरी है। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी और हल्की एरोबिक एक्सरसाइज जोड़ों के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। नियमित गतिविधि से जोड़ों की गतिशीलता बनी रहती है और दर्द तथा जकड़न की समस्या कम हो सकती है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें
घुटनों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। खासकर जांघ (क्वाड्रिसेप्स), हैमस्ट्रिंग, कूल्हे और पिंडली की मांसपेशियां मजबूत होने से घुटनों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। इसके लिए स्क्वाट, स्टेप-अप, लंज, ग्लूट ब्रिज और रेजिस्टेंस बैंड एक्सरसाइज उपयोगी हो सकती हैं।
वजन नियंत्रित रखें
अधिक वजन घुटनों और कूल्हों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। वजन कम करने से घुटनों पर पड़ने वाला भार कम होता है और दर्द या गठिया जैसी समस्याओं का जोखिम घट सकता है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम इस दिशा में सबसे प्रभावी उपाय हैं।
सही तरीके से दौड़ें
यदि आप दौड़ना शुरू कर रहे हैं तो शुरुआत छोटी दूरी और धीमी गति से करें। अच्छे गुणवत्ता वाले रनिंग शूज़ पहनें, वार्म-अप और स्ट्रेचिंग करें तथा जरूरत से ज्यादा दौड़ने से बचें। अगर दौड़ते समय लगातार दर्द, सूजन या अस्थिरता महसूस हो तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
निष्कर्ष
दौड़ना अपने आप में घुटनों का दुश्मन नहीं है। बल्कि सही तरीके से किया गया व्यायाम घुटनों को मजबूत बनाने, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद कर सकता है। असली खतरा निष्क्रिय जीवनशैली, बढ़ता वजन और बार-बार होने वाली चोटों से होता है। इसलिए घुटनों को स्वस्थ रखना है तो नियमित रूप से एक्टिव रहें, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें, वजन नियंत्रित रखें और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें।

