नई दिल्ली: केला सबसे लोकप्रिय और आसानी से उपलब्ध फलों में से एक है। यह सालभर बाजार में मिलता है और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक लगभग सभी लोग इसे पसंद करते हैं। केला शरीर को तुरंत ऊर्जा देने, पेट भरने और पोषण प्रदान करने वाला फल माना जाता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केला हर व्यक्ति के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होता। कुछ लोगों को इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए या डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपने आहार में शामिल करना चाहिए।
एम्स प्रशिक्षित जनरल फिजिशियन और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका शेहरावत के अनुसार, सामान्य रूप से स्वस्थ व्यक्ति रोजाना 1–2 केले खा सकता है। केला फाइबर, पोटैशियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है, लेकिन कुछ चिकित्सीय स्थितियों में सावधानी जरूरी हो जाती है।
केले में होता है पोटैशियम
डॉ. शेहरावत बताती हैं कि एक मध्यम आकार के केले में लगभग 400 मिलीग्राम पोटैशियम होता है। पोटैशियम शरीर की मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण खनिज है। यह हृदय की कार्यप्रणाली और शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने में भी मदद करता है।
यही कारण है कि केला सामान्य स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है और संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है।
किडनी के मरीजों को क्यों बचना चाहिए?
डॉक्टर के अनुसार, किडनी रोग से पीड़ित लोगों को केला खाने में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जिन मरीजों की किडनी ठीक से काम नहीं कर रही होती, उनके शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ सकता है क्योंकि किडनी अतिरिक्त पोटैशियम को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पाती।
ऐसी स्थिति में केला, नारियल पानी और अन्य अधिक पोटैशियम वाले खाद्य पदार्थ शरीर में पोटैशियम की मात्रा और बढ़ा सकते हैं। बहुत अधिक पोटैशियम (हाइपरकलेमिया) हृदय की धड़कन और मांसपेशियों के कार्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। इसलिए किडनी रोगियों को अपने पोटैशियम स्तर की नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही आहार लेना चाहिए।
क्या डायबिटीज के मरीज केला खा सकते हैं?
डायबिटीज के मरीजों के लिए केला पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है। डॉ. शेहरावत के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की ब्लड शुगर नियंत्रित है, तो वह सीमित मात्रा में, जैसे एक छोटा केला, खा सकता है।
उन्होंने बताया कि केले का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक लोड सीमित मात्रा में बहुत अधिक नहीं माना जाता। केला खाने के बाद रक्त शर्करा कुछ समय के लिए बढ़ सकती है, लेकिन नियंत्रित डायबिटीज वाले मरीजों में यह प्रभाव सीमित हो सकता है।
हालांकि, यदि किसी व्यक्ति की ब्लड शुगर लगातार बहुत अधिक रहती है या नियंत्रण से बाहर है, तो उसे डॉक्टर या डाइटिशियन द्वारा निर्धारित आहार योजना का पालन करना चाहिए और बिना सलाह के केला खाने से बचना चाहिए।
स्वस्थ लोगों के लिए क्या है सही मात्रा?
स्वस्थ व्यक्तियों के लिए रोजाना 1–2 केले संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। इसे नाश्ते, स्नैक या वर्कआउट के बाद ऊर्जा के स्रोत के रूप में लिया जा सकता है। केले के साथ प्रोटीन और अन्य फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने से इसका प्रभाव और संतुलित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह केला भी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, उम्र, दवाओं और पोषण संबंधी जरूरतों के अनुसार खाना चाहिए। यदि आपको किडनी रोग, अनियंत्रित डायबिटीज या पोटैशियम से जुड़ी कोई चिकित्सीय समस्या है, तो नियमित रूप से केला खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

