‘मिर्जापुर’ की दुनिया में रिश्ते, दुश्मनी और सत्ता का खेल हमेशा से उलझा हुआ रहा है। यहां कोई किरदार जितना दिखाई देता है, उसके पीछे की कहानी उससे कहीं ज्यादा खतरनाक होती है। अब ‘मिर्जापुर द मूवी’ में भी एक ऐसा किरदार सामने आया है, जिसने कहानी के रोमांच को और बढ़ा दिया है। यह किरदार है बिरजू लोहार, जिसे अभिनेता मोहित मलिक ने निभाया है। फिल्म में बिरजू की एंट्री सिर्फ एक दबंग और खतरनाक शख्स के तौर पर नहीं होती, बल्कि उसके अतीत में छिपी मोहब्बत और बदले की कहानी उसे बेहद खास बनाती है।
कौन है बिरजू लोहार?
बिरजू लोहार फिल्म में बब्बन यादव का वफादार आदमी है। वह उसके इशारे पर लोगों पर हमला करने से भी पीछे नहीं हटता। उसके किरदार में दबंगई, वफादारी और आक्रामकता साफ नजर आती है। हालांकि, कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, बिरजू के किरदार की असली परतें खुलने लगती हैं।
शुरुआत में ऐसा लगता है कि बब्बन यादव ही कालीन भैया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन कहानी आगे बढ़ने के साथ तस्वीर बदल जाती है। पता चलता है कि बिरजू और कालीन भैया के बीच सालों पुरानी दुश्मनी है। इस दुश्मनी की जड़ में सिर्फ सत्ता या वर्चस्व की लड़ाई नहीं, बल्कि एक पुराना प्रेम संबंध भी छिपा है।
बीना भाभी से जुड़ी है पुरानी कहानी
बिरजू का अतीत बीना भाभी से जुड़ा हुआ है। दोनों के बीच कभी प्यार का रिश्ता था, लेकिन हालात ने उन्हें अलग कर दिया। बीना की जबरन शादी और कालीन भैया के खौफ के कारण बिरजू को उनसे दूर होना पड़ा। इसके बाद उसके भीतर बदले की आग लगातार जलती रही।
बिरजू के लिए यह सिर्फ पुरानी मोहब्बत का दर्द नहीं था, बल्कि उसकी जिंदगी का ऐसा अधूरा अध्याय था, जिसे वह कभी भूल नहीं पाया। यही वजह है कि कालीन भैया के खिलाफ उसके मन में गहरी नफरत बनी रही। वह सही मौके का इंतजार करता रहा ताकि अपने पुराने हिसाब को पूरा कर सके।
कहानी में एक मोड़ तब आता है, जब बिरजू की जिंदगी में बीना एक बार फिर लौटती हैं। दोनों के बीच पुरानी भावनाएं जागती हैं और कहानी में प्यार के साथ-साथ साजिश का खेल भी तेज हो जाता है। हालांकि, आखिर में बिरजू को बीना से धोखा मिलता है, जिससे उसकी कहानी एक अलग दिशा लेती है।
मोहित मलिक ने निभाया दमदार किरदार
बिरजू लोहार के किरदार में मोहित मलिक ने अपनी एक्टिंग से अलग छाप छोड़ी है। टीवी की दुनिया में लंबे समय तक काम करने के बाद बड़े पर्दे पर उनकी यह भूमिका उनके अभिनय के एक नए रंग को सामने लाती है। किरदार में जहां एक तरफ खतरनाक तेवर हैं, वहीं दूसरी तरफ पुराने प्यार का दर्द भी दिखाई देता है।
फिल्म की कहानी में बिरजू का किरदार धीरे-धीरे अपनी अहमियत बढ़ाता है और दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर असली दुश्मन कौन है। बब्बन यादव, कालीन भैया, बिरजू और बीना के बीच बनते-बिगड़ते रिश्ते फिल्म के ड्रामे को और दिलचस्प बनाते हैं। यही वजह है कि बिरजू लोहार की एंट्री ‘मिर्जापुर’ की कहानी में एक नया ट्विस्ट लेकर आती है।

