राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यात्रियों से भरी एक ट्रैवलर मिनी बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे करीब 20 फीट गहरे नाले में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों, पुलिस और बचाव दल ने मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, बस में 25 से अधिक यात्री सवार थे। सभी यात्री मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से राजस्थान स्थित खाटू श्याम जी के दर्शन करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान कोटा जिले के सिमलिया थाना क्षेत्र में कराडिया के पास यह हादसा हुआ।
चालक को नींद की झपकी आने से हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्रैवलर कराडिया टोल प्लाजा पार करने के बाद सुल्तानपुर की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान चालक को नींद की झपकी आ गई। बताया जा रहा है कि वाहन की रफ्तार तेज होने के कारण चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। इसके बाद मिनी बस सड़क पर लगे डिवाइडर को तोड़ते हुए पुलिया के बीच से नीचे नाले में जा गिरी।
बस करीब 20 फीट नीचे गिरने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और यात्रियों की मदद करने लगे।
स्थानीय लोगों और बचाव दल ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की बचाव टीम और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। बस गहरे नाले में फंसी होने के कारण यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बचावकर्मियों और स्थानीय लोगों ने एक-एक कर घायलों को बाहर निकाला।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई थी। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल और एमबीएस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
कई घायलों की हालत गंभीर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में कुछ यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। दुर्घटना में घायल कई लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।
यह हादसा सुबह करीब सात बजे हुआ। भोपाल से धार्मिक यात्रा पर निकले यात्रियों के लिए यह सफर दर्दनाक घटना में बदल गया। शुरुआती जानकारी में चालक को नींद की झपकी आने और वाहन से नियंत्रण खोने को हादसे की वजह बताया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक की पर्याप्त नींद, सतर्कता और सुरक्षित गति के महत्व को सामने ला दिया है। वाहन चलाते समय थकान महसूस होने पर आराम करना बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ पल की लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

