4 Sep 2026, Fri

एयर इंडिया की जो फ्लाइट हवा में अचानक 300 फीट नीचे आई थी, अब उसके पायलट के खिलाफ एक्शन की तैयारी; डोप टेस्ट में हुआ था फेल

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में हुई घटना को लेकर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। जांच में विमान के मुख्य पायलट के मादक पदार्थ सेवन से जुड़ी रिपोर्ट को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। जांच एजेंसी ने बताया कि पायलट की साइकोएक्टिव पदार्थों से संबंधित जांच रिपोर्ट सामान्य नहीं थी। इस मामले में विमानन नियामक से उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।

यह घटना 4 अगस्त को हुई थी, जब विमान दिल्ली की ओर यात्रा कर रहा था। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था। इस दौरान विमान में सवार कई लोगों को चोटें आई थीं। घटना के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई थी।

उड़ान के दौरान अचानक नीचे आया विमान

फुकेट से दिल्ली जाने वाली इस उड़ान का संचालन एयरबस ए320 विमान से किया जा रहा था। विमान में दो पायलट और छह अन्य क्रू सदस्यों समेत कुल 145 लोग सवार थे। यात्रा के दौरान विमान को अचानक टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा और विमान की ऊंचाई में करीब 300 फीट की कमी दर्ज की गई।

घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू सदस्यों की स्थिति का आकलन किया गया। दिल्ली पहुंचने के बाद कुल 24 लोगों को चिकित्सकीय सहायता दी गई। इनमें से चार लोगों को गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई।

पायलट की जांच रिपोर्ट को लेकर चिंता

प्रारंभिक रिपोर्ट में सबसे अहम बात मुख्य पायलट की मादक पदार्थ से संबंधित जांच को लेकर सामने आई है। जांच के दौरान साइकोएक्टिव पदार्थों के सेवन की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में इस स्थिति को गंभीर चिंता का विषय बताया गया है।

जांच एजेंसी ने विमानन नियामक को इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर उचित कदम उठाने की सिफारिश की है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों को समझने के लिए विस्तृत जांच अभी जारी है। प्रारंभिक रिपोर्ट को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा रहा है।

घटना को दुर्घटना की श्रेणी में रखा गया

जांच के शुरुआती चरण में सूचना मिली थी कि विमान को यात्रा के दौरान टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों को लगी चोटों और जांच के दौरान जुटाए गए अन्य साक्ष्यों का आकलन किया गया।

इन तथ्यों के आधार पर घटना को दुर्घटना की श्रेणी में रखा गया। जांच के दौरान उड़ान से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विमान के अचानक नीचे आने और यात्रियों के घायल होने के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका थी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे गंभीर सवाल

पायलट की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विमानन सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं। उड़ान संचालन में पायलट की मानसिक और शारीरिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में साइकोएक्टिव पदार्थों से संबंधित रिपोर्ट सामने आना चिंता का विषय है।

फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई नियामक स्तर पर होनी है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। इस बीच संबंधित अधिकारियों की ओर से विमानन सुरक्षा मानकों के पालन और चालक दल की जांच प्रक्रिया को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाने की सिफारिश की गई है।

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