25 Jun 2026, Thu

ऋषिकेश में होटल की कीमतें देख टूरिस्ट का मूड बदला, श्रीलंका जाकर कहा- ‘बजट वही और हवा साफ’

भारत में बढ़ती घरेलू पर्यटन लागत को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। इस बार चर्चा का केंद्र बना है उत्तराखंड का मशहूर पर्यटन और आध्यात्मिक शहर ऋषिकेश। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक कंटेंट क्रिएटर की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि ऋषिकेश के महंगे होटल देखकर एक पर्यटक ने अपनी छुट्टियों की योजना बदल दी और इसके बजाय श्रीलंका घूमने का फैसला किया।

पोस्ट के अनुसार, कंटेंट क्रिएटर के एक दोस्त ने उत्तराखंड के ऋषिकेश में छुट्टियां बिताने की योजना बनाई थी। लेकिन जब उन्होंने वहां के होटलों की कीमतों की जांच की, तो वह हैरान रह गए। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि ऋषिकेश के कई अच्छे होटलों में एक रात का किराया 9,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक था। ऐसे में पर्यटक ने समान बजट में विदेशी यात्रा का विकल्प तलाशना शुरू किया।

कंटेंट क्रिएटर ने अपनी पोस्ट में बताया कि उनके मित्र ने बाद में श्रीलंका की यात्रा बुक कर ली। उनका कहना था कि श्रीलंका में उन्हें 3,000 से 5,000 रुपये प्रति रात के बीच समुद्र के सामने स्थित शानदार होटल मिल गए। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि श्रीलंका में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं, शांत वातावरण और अधिक अनुकूल पर्यटन अनुभव मिलता है।

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर घरेलू पर्यटन की बढ़ती लागत को लेकर बहस तेज हो गई। कई यूजर्स ने माना कि कोविड-19 महामारी के बाद भारत में घरेलू पर्यटन की मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिसके कारण होटल और अन्य सेवाओं की कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिला है।

एक यूजर ने लिखा, “कोविड के बाद लोगों ने देश के भीतर ज्यादा यात्रा करना शुरू किया है। इसी वजह से पर्यटन स्थलों पर मांग बढ़ी और कीमतें भी बढ़ गईं। हालांकि, यदि कोई कम बजट में बेहतर अनुभव चाहता है, तो श्रीलंका एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने मुंबई से ऋषिकेश की यात्रा के लिए तीन लोगों पर लगभग 1.5 लाख रुपये खर्च किए। यूजर के मुताबिक, अंतिम समय में बुकिंग करने की वजह से उन्हें ज्यादा खर्च करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि इतने बजट में एशिया के कई अन्य देशों की यात्रा की जा सकती थी।

हालांकि, कई लोगों ने इस तुलना को पूरी तरह उचित नहीं माना। कुछ यूजर्स का कहना था कि ऋषिकेश और श्रीलंका की तुलना करना सही नहीं है, क्योंकि दोनों स्थानों का उद्देश्य और अनुभव अलग-अलग हैं। एक यूजर ने लिखा, “ऋषिकेश एक आध्यात्मिक और योग पर्यटन केंद्र है, जबकि श्रीलंका समुद्र तटों और रिसॉर्ट पर्यटन के लिए जाना जाता है। दोनों की तुलना करना उचित नहीं है।”

एक अन्य यूजर ने पोस्ट में किए गए दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्रीलंका में 3,000 रुपये प्रति रात में समुद्र किनारे पांच सितारा होटल मिलना संभव नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि उन्हें श्रीलंका के एक लग्जरी होटल में ठहरने के लिए 15,000 रुपये प्रति रात तक खर्च करने पड़े थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पर्यटन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन बढ़ती कीमतों के साथ सुविधाओं और सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होना आवश्यक है। यदि घरेलू पर्यटन को लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बनाए रखना है, तो पर्यटन उद्योग को किफायती और गुणवत्तापूर्ण अनुभव उपलब्ध कराने पर ध्यान देना होगा।

फिलहाल, यह वायरल पोस्ट घरेलू बनाम अंतरराष्ट्रीय पर्यटन की लागत को लेकर एक नई बहस को जन्म दे चुकी है, जिसमें लोग अपने-अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।

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