अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पीस डील खत्म करने के ऐलान के बाद अमेरिका ने ईरान के कई अहम ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के चाबहार, बुशहर और बंदर अब्बास सहित कई रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद ट्रंप ने सख्त बयान देते हुए कहा कि अमेरिका अब हर हमले का कई गुना जवाब देगा।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई पिछली रात हुए हमले का जवाब थी। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने दो नहीं, बल्कि तीन नावों पर हमला किया था। ट्रंप ने कहा, “जब वे हम पर हमला करेंगे, तो हम उन पर 20 हमले करेंगे।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अमेरिका ने ईरान को 20 के मुकाबले 1 के हिसाब से जवाब दिया है और अगर ईरान ने फिर कोई कार्रवाई की, तो जवाब और भी सख्त होगा।
इससे पहले अमेरिका ने मंगलवार को भी ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। ताजा हमलों को ईरान की ओर से समुद्री जहाजों और अमेरिकी हितों पर हमले के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका ने यह सैन्य कार्रवाई तेज की। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
ईरान के साथ डील को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सैन्य रूप से पहले ही मजबूत स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब हर हाल में डील करना चाहता है, लेकिन उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं है कि ईरान किसी समझौते का सम्मान करेगा या नहीं। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने बातचीत का मौका गंवा दिया है और अब हालात पहले जैसे नहीं रहे।
एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने ईरान के रवैये को “सनकी” बताया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान वाकई डील करना चाहता है, तो फिर वह कमर्शियल जहाजों पर हमला क्यों कर रहा है। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।
इसी दौरान ट्रंप ने स्पेन को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्पेन से पहले भी दिक्कत थी और अब भी है, लेकिन स्पेन ने अब अमेरिका की मांगों पर वापसी की है। ट्रंप ने दावा किया कि स्पेन ने भारी पेमेंट की शर्त मान ली है, वरना अमेरिका उससे बात भी नहीं करता।
यूरोप से अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि बहुत कुछ ग्रीनलैंड और ईरान की स्थिति पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ देश अब ईरान मामले में मदद करना चाहते हैं, लेकिन अमेरिका को फिलहाल उस मदद की जरूरत नहीं है।
अपने बयान में ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच युद्ध परमाणु टकराव में बदल सकता था और उनकी भूमिका से करोड़ों लोगों की जान बची। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

