दिसपुर: असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच विभिन्न राज्यों से राहत और पुनर्वास के लिए सहायता की घोषणाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने असम के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा किए जाने की जानकारी साझा की। उन्होंने बाढ़ की स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में पड़ोसी राज्यों को एक-दूसरे के साथ खड़ा होना चाहिए।
गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है, जबकि बुनियादी ढांचे, कृषि और जनजीवन पर भी व्यापक असर पड़ा है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि असम के लोग इस समय गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं और ऐसे समय में राज्यों के बीच सहयोग की भावना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने में यह आर्थिक सहायता उपयोगी साबित होगी।
असम सरकार और विभिन्न राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटी हुई हैं। कई जिलों में बाढ़ का पानी अब भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। प्रशासन राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने का प्रयास कर रहा है।
इससे पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी असम के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आ चुके हैं। उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री साय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया और कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता असम के लोगों के साथ एकजुटता के साथ खड़ी है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा था कि असम में बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियां अत्यंत चिंताजनक हैं और राहत कार्यों में हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और जल्द सामान्य स्थिति बहाल होने की कामना भी की।
विशेषज्ञों का कहना है कि असम में हर साल बाढ़ एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है, लेकिन इस बार कई क्षेत्रों में स्थिति अधिक गंभीर रही है। राहत और पुनर्वास के साथ-साथ दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन, तटबंधों की मजबूती और आपदा पूर्व तैयारी पर भी जोर देने की आवश्यकता है।
फिलहाल विभिन्न राज्यों से मिल रही आर्थिक सहायता और राहत सहयोग को असम के पुनर्वास प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि सामान्य जनजीवन बहाल किया जा सके.

