हिंद महासागर में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई, ईरान से जुड़े तेल टैंकर को किया जब्त
हिंद महासागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरान से जुड़े एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच समुद्री क्षेत्र में की गई, जहां टैंकर की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी।
तेल टैंकर “मैजेस्टिक X” को किया गया जब्त
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, जब्त किए गए तेल टैंकर का नाम ‘मैजेस्टिक X’ है, जो कथित तौर पर ईरान के तेल तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि यह जहाज अवैध तरीके से तेल परिवहन में शामिल था और चीन की ओर जा रहा था।
रक्षा विभाग ने बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका ऐसे सभी नेटवर्क को खत्म करने के लिए वैश्विक स्तर पर समुद्री कार्रवाई जारी रखेगा, जो ईरान को किसी भी तरह की आर्थिक या सामग्री सहायता पहुंचाते हैं।
सैन्य कार्रवाई का वीडियो जारी
इस कार्रवाई का एक वीडियो भी अमेरिकी रक्षा विभाग ने जारी किया है, जिसमें अमेरिकी सैनिक जहाज के डेक पर मौजूद नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हिंद महासागर में पहले भी हुई कार्रवाई
जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ‘मैजेस्टिक X’ हिंद महासागर में श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच उसी क्षेत्र में था, जहां पहले भी अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े एक अन्य तेल टैंकर ‘टिफनी’ को जब्त किया था। इस क्षेत्र को संवेदनशील समुद्री मार्ग माना जाता है, जहां से बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल परिवहन होता है।
बढ़ता तनाव और समुद्री सुरक्षा
इस घटना से एक बार फिर ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हाल के महीनों में होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री मार्गों में कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें जहाजों पर हमले और कब्जे जैसी कार्रवाइयां शामिल हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को ईरान द्वारा भी होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन मालवाहक जहाजों पर हमले और दो जहाजों को कब्जे में लेने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
आगे की स्थिति पर नजर
फिलहाल अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में और सख्ती देखी जा सकती है, क्योंकि वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिहाज से यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

