अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करते हुए उसके करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई 8 जुलाई 2026 को की गई, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और U.S. Central Command यानी CENTCOM ने ऑपरेशन से जुड़ा वीडियो भी जारी किया। वीडियो में ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले होते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों का मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था, जिनसे वह Strait of Hormuz में गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और नाविकों को खतरा पहुंचा सकता था।
CENTCOM की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिकी फौज ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन टारगेट्स में एयर डिफेंस सिस्टम, कोस्टल सर्विलांस से जुड़े उपकरण, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज सेंटर, नौसेना से जुड़े सैन्य अड्डे और ईरान के समुद्री तट पर मौजूद लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल बताए गए हैं। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस ऑपरेशन से ईरान की नेवल और मिसाइल क्षमताओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की यह कार्रवाई ईरान की ओर से Strait of Hormuz क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और नागरिक क्रू पर कथित हमलों के जवाब में की गई। यह इलाका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आवाजाही होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर हुए हमलों का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा किया। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिकी हमलों में ईरान के दक्षिण-पूर्वी इलाके में मौजूद एक एयरपोर्ट और एयरबेस को भी निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की एयरोस्पेस फोर्स करती थी। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह अमेरिकी हितों या समुद्री सुरक्षा को निशाना बनाएगा, तो अमेरिका और सख्त जवाब देगा।
इससे पहले भी अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। ताजा एयरस्ट्राइक को दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव का नया चरण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका है। क्षेत्रीय देशों में भी सुरक्षा को लेकर अलर्ट बढ़ा दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई सिर्फ सैन्य जवाब नहीं, बल्कि ईरान को सीधा संदेश भी है कि Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को रोकने या प्रभावित करने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, इन हमलों से क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा भी बढ़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।

