ओमान के तट के पास एक बार फिर भारतीय क्रू वाले मर्चेंट जहाज पर हमले की खबर सामने आई है। इस बार निशाना बना जहाज MT Jalveer, जिसमें 20 से अधिक भारतीय नाविक सवार थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना शिनास बंदरगाह के पास हुई, जहां जहाज को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया गया है। इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
पिछले कुछ दिनों में ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्र में भारतीय क्रू वाले जहाजों को निशाना बनाए जाने की यह तीसरी घटना बताई जा रही है। इन घटनाओं को लेकर विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां और अंतरराष्ट्रीय संगठन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया
Embassy of India in Oman ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्हें मामले की जानकारी मिल चुकी है और वे स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। दूतावास ने बयान में कहा कि स्थिति पर करीबी निगरानी रखी जा रही है और सभी जरूरी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
लगातार तीन घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में यह तीसरी घटना है जिसमें भारतीय क्रू वाले जहाज प्रभावित हुए हैं। पहली घटना 8 जून को MT Marivex के साथ हुई थी, जिसमें संदिग्ध हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी। उस समय जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
दूसरी घटना 10 जून को MT Sebetello के साथ हुई, जहां ओमान की खाड़ी में हुए हमले के बाद स्थिति गंभीर हो गई थी। इस जहाज पर भी 24 भारतीय नाविक सवार थे। केंद्रीय शिपिंग मंत्री के अनुसार, 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि तीन भारतीय नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
इन घटनाओं के बाद India ने गंभीर चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित देशों से जवाब मांगा है और समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस बीच भारत ने क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तेज कर दी है।
अमेरिका पर आरोप और जांच की स्थिति
हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक रूप से हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में अमेरिका पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जांच जारी है।
समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर डाल सकती हैं, क्योंकि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
निष्कर्ष
ओमान के पास लगातार हो रही इन घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में इस मामले पर कूटनीतिक स्तर पर और तेज प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

