दूध सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन क्या आपने कभी काले दूध के बारे में सुना है? अपने अनोखे रंग और खास सामग्री की वजह से यह ड्रिंक लोगों का ध्यान खींच रही है। अगर आपको रोजाना एक ही तरह का दूध पीना पसंद नहीं है और आप कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो काले तिल, काजू और खजूर से तैयार होने वाला यह पेय एक विकल्प हो सकता है।
हाल ही में एक अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर काला दूध पीते हुए अपना वीडियो साझा किया और इसकी रेसिपी भी बताई। इस ड्रिंक का गहरा रंग मुख्य रूप से काले तिल की वजह से आता है। इसे घर पर कुछ आसान सामग्री की मदद से तैयार किया जा सकता है। हालांकि, इसके स्वास्थ्य लाभ इस बात पर निर्भर करते हैं कि इसे कितनी मात्रा में और किन सामग्रियों के साथ बनाया गया है।
काले दूध में इस्तेमाल होती हैं ये चीजें
काला दूध बनाने के लिए मुख्य रूप से काले तिल, काजू, खजूर, थोड़ा नमक और पानी की जरूरत होती है। काले तिल में कैल्शियम, आयरन, वसा और कुछ एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। वहीं, काजू से हेल्दी फैट और कुछ जरूरी मिनरल मिलते हैं। खजूर पेय में प्राकृतिक मिठास जोड़ता है।
इन सामग्रियों को मिलाकर तैयार किया गया पेय सामान्य दूध से अलग स्वाद और बनावट वाला होता है। ध्यान रखें कि यह पारंपरिक गाय या भैंस के दूध का बिल्कुल समान विकल्प नहीं है, क्योंकि इसमें पोषक तत्वों की मात्रा अलग हो सकती है।
काला दूध बनाने की आसान रेसिपी
पहला स्टेप: सबसे पहले आधा कप काले तिल लें और उन्हें अच्छी तरह साफ कर लें। अब एक पैन गर्म करके तिल को धीमी आंच पर सूखा भूनें। जब तिल से खुशबू आने लगे और वे चटकने लगें, तो गैस बंद कर दें। ध्यान रखें कि तिल जलने न पाएं।
दूसरा स्टेप: उसी पैन में 8 से 10 काजू डालकर हल्का भून लें। तिल ठंडे होने के बाद उन्हें मिक्सर में डालें। इसमें भुने हुए काजू, बीज निकाले हुए 2 खजूर, एक चुटकी नमक और जरूरत के अनुसार पानी मिलाएं। सभी चीजों को अच्छी तरह पीस लें।
तीसरा स्टेप: अब एक साफ मलमल का कपड़ा या महीन छलनी लें। तैयार मिश्रण को इसमें डालकर अच्छी तरह छान लें और धीरे-धीरे निचोड़ें, ताकि तरल हिस्सा अलग हो जाए। इसे गिलास में डालें। आपका काला तिल वाला पेय तैयार है। इसे ताजा ही पीना बेहतर रहेगा।
काले दूध के क्या हो सकते हैं फायदे?
काले तिल में मौजूद पोषक तत्व संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं। इनमें कैल्शियम हड्डियों के स्वास्थ्य में भूमिका निभाता है, जबकि आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी होता है। तिल और काजू में मौजूद वसा शरीर को ऊर्जा देने में मदद करती है। हालांकि, इस पेय में इन पोषक तत्वों की वास्तविक मात्रा इस्तेमाल की गई सामग्री और बनाने के तरीके पर निर्भर करेगी।
कुछ लोग तिल और काजू के मिश्रण को त्वचा पर फेस पैक की तरह भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे त्वचा में चमक आने या मुलायम होने की गारंटी नहीं है। चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें और जलन या खुजली होने पर तुरंत धो लें।
ध्यान रखें: तिल और काजू से एलर्जी वाले लोग इस पेय से बचें। इसे किसी बीमारी के इलाज या त्वचा संबंधी समस्या के समाधान के रूप में न लें। संतुलित आहार और नियमित त्वचा देखभाल ही बेहतर स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।

