21 Apr 2026, Tue

हर साल ₹70,000 का निवेश, मेच्योरिटी पर तैयार रहेगा ₹18,98,498 का फंड, जानें स्कीम

PPF स्कीम: सुरक्षित निवेश के साथ टैक्स फ्री रिटर्न, 15 साल में बना सकते हैं बड़ा फंड

लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश की बात करें तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आज भी सबसे भरोसेमंद विकल्पों में शामिल है। यह भारत सरकार द्वारा समर्थित योजना है, जिसमें निवेशकों को गारंटीड रिटर्न के साथ टैक्स में छूट का लाभ भी मिलता है। खास बात यह है कि इस स्कीम में जमा राशि, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम—तीनों ही टैक्स फ्री होते हैं।

15 साल में तैयार करें बड़ा फंड

पीपीएफ अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है। इस दौरान यदि कोई निवेशक हर साल 70,000 रुपये जमा करता है, तो मौजूदा 7.1% ब्याज दर के हिसाब से उसे मैच्योरिटी पर करीब 18.98 लाख रुपये मिल सकते हैं। इस अवधि में कुल निवेश 10.50 लाख रुपये होगा, जबकि लगभग 8.48 लाख रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। यह स्कीम उन लोगों के लिए बेहतर है, जो बिना जोखिम के लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं।

कहां और कैसे खोलें अकाउंट

पीपीएफ अकाउंट आप किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोल सकते हैं। नियम के अनुसार, एक व्यक्ति के नाम पर केवल एक ही पीपीएफ अकाउंट खोला जा सकता है। इस स्कीम में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना निवेश की सीमा तय है। इसके अलावा, माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर भी खाता खोल सकते हैं, लेकिन कुल निवेश सीमा 1.5 लाख रुपये ही रहेगी।

टैक्स में बड़ी राहत

पीपीएफ निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। वहीं, आयकर अधिनियम की धारा 10 के तहत इस स्कीम से मिलने वाला ब्याज भी पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। यही वजह है कि यह स्कीम ‘E-E-E’ (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी में आती है, जो निवेशकों के लिए बेहद फायदेमंद है।

लोन और आंशिक निकासी की सुविधा

इस स्कीम में निवेश करने के साथ ही आपको लिक्विडिटी की भी सुविधा मिलती है। तीसरे से छठे साल के बीच आप अपने पीपीएफ अकाउंट पर लोन ले सकते हैं। वहीं, सातवें साल से आंशिक निकासी की सुविधा भी उपलब्ध होती है। इससे जरूरत पड़ने पर आप अपने पैसे का इस्तेमाल कर सकते हैं।

महीने की 5 तारीख का रखें ध्यान

पीपीएफ में निवेश करते समय एक अहम बात का ध्यान रखना जरूरी है। यदि आप हर महीने निवेश करते हैं, तो कोशिश करें कि पैसे महीने की 5 तारीख तक जमा कर दें। ऐसा करने से आपको पूरे महीने का ब्याज मिलता है, जिससे आपका कुल रिटर्न बढ़ सकता है।

मैच्योरिटी के बाद भी जारी रखें निवेश

15 साल की अवधि पूरी होने के बाद आप चाहें तो अपने पीपीएफ अकाउंट को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं। इस दौरान आप अतिरिक्त निवेश भी कर सकते हैं और अपने फंड को और बड़ा बना सकते हैं।

कुल मिलाकर, पीपीएफ एक ऐसा निवेश विकल्प है जो सुरक्षा, स्थिरता और टैक्स लाभ—तीनों का संतुलन प्रदान करता है। लंबे समय में संपत्ति बनाने के लिए यह एक स्मार्ट और भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकता है।

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