अमेरिका में जन्मे जेफरी कैगेल की जिंदगी उस समय पूरी तरह बदल गई, जब आध्यात्मिक तलाश उन्हें भारत लेकर आई। 1970 में भारत पहुंचे जेफरी का मकसद नाम और शोहरत कमाना नहीं, बल्कि जीवन के गहरे अर्थ को समझना था। इसी तलाश के दौरान उनकी मुलाकात नीम करोली बाबा से हुई। इस मुलाकात ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और आगे चलकर दुनिया उन्हें कृष्णदास के नाम से जानने लगी। आज कृष्णदास भक्ति संगीत की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं और उनकी आवाज देश-विदेश में लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है।
नीम करोली बाबा के आश्रम में बिताया लंबा वक्त
भारत आने के बाद जेफरी कैगेल का झुकाव आध्यात्मिकता की ओर बढ़ता गया। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम और नीम करोली बाबा के आश्रम से उनका गहरा जुड़ाव हुआ। बताया जाता है कि उन्होंने करीब ढाई साल आश्रम में बिताए। इस दौरान उन्हें बाबा के सान्निध्य और उनकी शिक्षाओं को करीब से समझने का मौका मिला।
यही वह दौर था, जब उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। नीम करोली बाबा ने उन्हें ‘कृष्णदास’ नाम दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी पुरानी पहचान से आगे बढ़कर भक्ति और आध्यात्मिक संगीत को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया।
बाबा की सीख को संगीत के जरिए आगे बढ़ाया
कृष्णदास ने भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं, मंत्रों और कीर्तन को अपनी आवाज का माध्यम बनाया। उन्होंने हारमोनियम और मंत्रोच्चार के साथ भक्ति संगीत की ऐसी शैली विकसित की, जिसने पश्चिमी देशों में भी बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित किया।
उनके लिए संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा। वह इसे साधना और लोगों को आंतरिक शांति से जोड़ने का माध्यम मानते हैं। उनके भजन और कीर्तन सुनने वाले लोगों को अक्सर ध्यान और आध्यात्मिक अनुभव जैसा एहसास होता है।
एक बातचीत में कृष्णदास ने अपनी भारत यात्रा और नीम करोली बाबा से जुड़ी एक खास बात भी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि जब वह भारत से अमेरिका लौट रहे थे, तब उन्होंने बाबा से पूछा था कि वह अमेरिका जाकर उनके लिए क्या कर सकते हैं। इसके जवाब में बाबा ने उन्हें समझाया कि सेवा पूछकर नहीं की जाती। यही सीख उनके जीवन में आगे भी महत्वपूर्ण बनी रही।
‘हनुमान अंश’ में सुनाई देंगे कृष्णदास के भजन
कृष्णदास की आध्यात्मिक यात्रा अब एक फिल्म के जरिए भी दर्शकों तक पहुंचने वाली है। नीम करोली बाबा के जीवन और विचारों से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ में उनकी आवाज में दो भजन शामिल किए गए हैं।
फिल्म में कृष्णदास के ‘सीता राम’ और ‘ओम नमः शिवाय’ भजन सुनाई देंगे। खास बात यह है कि इन दोनों भजनों में उनकी अपनी आवाज का इस्तेमाल किया गया है। इससे फिल्म के आध्यात्मिक माहौल को और गहराई मिलने की उम्मीद है।
विराट-अनुष्का भी हैं कृष्णदास के प्रशंसक
कृष्णदास की भक्ति संगीत की लोकप्रियता सिर्फ विदेशों तक सीमित नहीं है। भारत में भी उनके संगीत को पसंद करने वाले कई जाने-माने लोग हैं। क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी उनके भजनों को पसंद करते हैं और कई मौकों पर कृष्णदास के आध्यात्मिक संगीत के प्रति अपनी रुचि जाहिर कर चुके हैं।
एक अमेरिकी युवक से लेकर दुनिया भर में भक्ति संगीत की पहचान बनने तक कृष्णदास का सफर इस बात की मिसाल है कि आध्यात्मिक खोज किस तरह किसी इंसान की पूरी जिंदगी की दिशा बदल सकती है।

