स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रहस्यमयी हलचल: ओमान के तट से गुजरते जहाजों ने बढ़ाई वैश्विक चिंता
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz में एक नई हलचल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, तीन बड़े जहाज—दो ऑयल सुपरटैंकर और एक एलएनजी (LNG) कैरियर—ने पारंपरिक मार्ग छोड़कर ओमान के तट के पास से इस जलडमरूमध्य में प्रवेश किया, जिससे सुरक्षा और रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
आमतौर पर इस मार्ग से गुजरने वाले जहाज ईरान के जलक्षेत्र के करीब से गुजरते हैं, लेकिन इन जहाजों ने अलग रास्ता अपनाया। बताया जा रहा है कि ये जहाज ओमान के बेहद करीब से होकर गुजरे और खुद को ओमानी जहाज के रूप में पहचान दे रहे थे। इनका संचालन भी ओमान की एक शिप मैनेजमेंट कंपनी द्वारा किया जा रहा था, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को और भी दिलचस्प और रहस्यमय बना दिया है।
क्यों बदला गया रास्ता?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे क्षेत्र में जारी तनाव मुख्य कारण है। Iran और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते टकराव के चलते Strait of Hormuz से गुजरना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान कुछ जहाजों को अपने जलक्षेत्र से गुजरने की अनुमति तो दे रहा है, लेकिन इसके साथ कड़े नियम और भारी शुल्क भी जोड़े जा रहे हैं।
कहा जा रहा है कि ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर प्रति यात्रा करीब 2 मिलियन डॉलर तक का टोल लगाने की योजना बना सकता है। ऐसे में कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां वैकल्पिक रास्तों की तलाश में हैं, ताकि लागत और जोखिम दोनों को कम किया जा सके।
सिग्नल बंद होने से बढ़ा सस्पेंस
इस घटनाक्रम को और रहस्यमयी तब बना दिया जब इन तीनों जहाजों ने यात्रा के दौरान अपने ऑटोमेटेड ट्रैकिंग सिग्नल (AIS) बंद कर दिए। सुबह करीब 9:30 बजे (GMT) सिग्नल बंद होने के बाद इनकी सटीक लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो गया।
जानकारों के अनुसार, इस क्षेत्र में इन दिनों सिग्नल जैमिंग और “स्पूफिंग” की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिसमें जहाजों की लोकेशन को गलत तरीके से दिखाया जाता है। इससे यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि जहाज सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे या नहीं।
वैश्विक बाजार पर असर
Strait of Hormuz दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। हालिया घटनाओं के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर भी इस स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है। बढ़ती तेल कीमतें और आपूर्ति में अनिश्चितता अमेरिका सहित कई देशों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
आगे क्या?
ईरान के उप विदेश मंत्री ने संकेत दिए हैं कि तेहरान अब ओमान के साथ मिलकर इस मार्ग की निगरानी के लिए नया प्रोटोकॉल तैयार कर सकता है। हालांकि, Oman ने अभी तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कुल मिलाकर, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती यह गतिविधि न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी असर डाल सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह वैकल्पिक मार्ग स्थायी समाधान बनता है या फिर तनाव और बढ़ता है।

