वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई है। Gold के दाम हालिया संघर्ष के दौरान 10 प्रतिशत से अधिक टूट चुके हैं, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange (MCX) पर सुबह के कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। 5 जून 2026 डिलीवरी वाले सोने का भाव करीब 0.63 प्रतिशत गिरकर 1,51,686 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं Silver की कीमत में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 2.10 प्रतिशत टूटकर 2,38,163 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।
महानगरों में भी सोने के हाजिर भाव में अंतर देखने को मिला। Delhi में 24 कैरेट सोना 15,261 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 13,990 रुपये और 18 कैरेट 11,449 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार करता दिखा। Mumbai, Kolkata और Bengaluru में 24 कैरेट सोना 15,246 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 13,975 रुपये और 18 कैरेट 11,434 रुपये प्रति ग्राम पर रहा।
वहीं Chennai में सोना थोड़ा महंगा नजर आया, जहां 24 कैरेट सोने का भाव 15,338 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट 14,060 रुपये और 18 कैरेट 11,730 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया। अलग-अलग शहरों में कीमतों का यह अंतर स्थानीय मांग, टैक्स और लॉजिस्टिक्स के कारण होता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट का रुख देखा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर सोना लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 4,700 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत होता है, लेकिन इस बार कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती के कारण सोने पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा, निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी कीमतों में गिरावट का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतें वैश्विक घटनाक्रम, खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिकी नीतियों पर निर्भर करेंगी। यदि तनाव और बढ़ता है, तो कीमतों में फिर तेजी आ सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर, सोना और चांदी दोनों ही दबाव में हैं और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बाजार की दिशा फिलहाल वैश्विक संकेतों पर निर्भर करती नजर आ रही है, जिससे कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

