24 Mar 2026, Tue

सोने-चांदी की कीमत में भूचाल से हिला बाजार, चांदी ₹67,891 सस्ती, सोना ₹15,246 लुढ़का, जानें भाव

Gold-Silver Crash: कई महीनों की सबसे बड़ी गिरावट से हिला वायदा बाजार, सोना 9% और चांदी करीब 17% टूटी

सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को आई भारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया। बीते कई महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट के साथ कीमती धातुओं का जोश पूरी तरह ठंडा पड़ गया। घरेलू वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सोना और चांदी जबरदस्त बिकवाली के दबाव में नजर आए। अमेरिकी डॉलर में मजबूती, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों की कमजोरी ने इस गिरावट को और गहरा कर दिया।

चांदी में रिकॉर्ड गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। चांदी के वायदा भाव 67,891 रुपये या करीब 16.97% टूटकर 3,32,002 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए। यह एक ही दिन में चांदी की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इससे एक दिन पहले गुरुवार को चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था और 3,99,893 रुपये पर बंद हुई थी। लगातार तेजी के बाद अचानक आई इस भारी गिरावट से बाजार में हड़कंप मच गया।

सोने में भी तेज बिकवाली

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जोरदार गिरावट देखने को मिली। MCX पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 15,246 रुपये या करीब 9% टूटकर 1,54,157 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। गुरुवार को सोना 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गया था, लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह फिसलकर 1,69,403 रुपये पर आ गया था। शुक्रवार को बिकवाली और तेज हो गई, जिससे सोने में बड़ी गिरावट दर्ज हुई।

एक्सपर्ट्स ने क्या कहा

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, शुक्रवार को सोना और चांदी सभी कैटेगरी—मेगा और मिनी कॉन्ट्रैक्ट्स—में लोअर सर्किट में चले गए। ऊंचे स्तरों से तेज मुनाफावसूली देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में गिरावट वायदा बाजार से भी ज्यादा रही और कुछ ईटीएफ में करीब 20% तक की गिरावट दर्ज की गई।

डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव

कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ने की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती रही। अमेरिका में फेडरल रिजर्व के अगले चेयरमैन के तौर पर केविन वार्श के नाम को लेकर अटकलों ने बाजार की धारणा को कमजोर किया। वार्श को सख्त मौद्रिक नीति (हॉकीश स्टांस) अपनाने वाला माना जाता है, जिससे डॉलर और मजबूत हो सकता है। इस दौरान डॉलर इंडेक्स 0.33% की तेजी के साथ 96.60 पर कारोबार करता दिखा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारी बिकवाली

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। कॉमेक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी करीब 16.87% टूटकर 95.12 डॉलर प्रति औंस के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गई। वहीं, अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 392 डॉलर या 7.32% गिरकर 4,962.7 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे पहले दोनों धातुएं रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी थीं।

कुल मिलाकर, अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली ने सोना-चांदी बाजार में भूचाल ला दिया है।

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